Ranchi: बॉलीवुड के दिग्गज फिल्म निर्देशक अनुभव सिन्हा शनिवार को रांची की सरजमीं पर थे। अपनी आने वाली फिल्म ‘80’ के प्रमोशन के दौरान उन्होंने शहर के बुद्धिजीवियों और युवा फिल्मकारों के साथ एक गहरा संवाद किया। सिन्हा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सिनेमा केवल मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि यह समाज के साथ सीधा संवाद करने का सबसे सशक्त माध्यम है।
सामाजिक यथार्थ और फिल्म ‘80’
‘मुल्क’, ‘आर्टिकल 15’ और ‘थप्पड़’ जैसी फिल्मों के जरिए समाज की कड़वी सच्चाइयों को पर्दे पर उतारने वाले सिन्हा ने अपनी नई फिल्म ‘80’ को लेकर भी उत्सुकता जगाई। उन्होंने कहा कि यह फिल्म भी उसी सामाजिक यथार्थ की कड़ी का हिस्सा है जो दर्शकों को सोचने और खुद से सवाल करने पर मजबूर कर देगी। हालांकि कहानी को उन्होंने फिलहाल गुप्त रखा है।
ईमानदारी का मंत्र
युवा फिल्मकारों से मुखातिब होते हुए उन्होंने कहा कि सफलता के लिए जीवन और सिनेमा दोनों में ‘ईमानदारी’ का होना सबसे जरूरी है। अनुभव सिन्हा के मुताबिक, जब एक निर्देशक ईमानदारी से अपनी कहानी कहता है, तभी वह दर्शकों के दिलों में घर कर पाती है। रांची के युवा सिनेप्रेमियों के लिए यह संवाद किसी मास्टरक्लास से कम नहीं रहा।
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