Bihar News: बिहार के सीएम नीतीश कुमार मंगलवार को ‘महिला संवाद यात्रा’ कार्यक्रम के तहत भागलपुर जिले के नाथनगर विधानसभा क्षेत्र के मुखेरिया गांव पहुंचे। इस मौके पर बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे, स्थानीय महिलाएं और जीविका समूह की दीदियां उनके स्वागत के लिए मौजूद थीं। लोगों को उम्मीद थी कि सीएम मंच से जनता को संबोधित करेंगे, उनकी समस्याएं सुनेंगे और समाधान का आश्वासन देंगे।

लेकिन स्थिति उलट निकली। सीएम बिना मंच पर गए सिर्फ एक-दो स्टॉल का निरीक्षण कर वापस रवाना हो गए। उनके साथ डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी और जल संसाधन मंत्री विजय नारायण चौधरी भी मौजूद थे, लेकिन तीनों में से किसी ने भी जनता से संवाद नहीं किया।

इस अप्रत्याशित रवैये से महिलाएं काफी नाराज़ हो गईं। मौके पर मौजूद कई महिलाओं ने हाथों में लिए अपने आवेदन हवा में लहराना शुरू कर दिया और अपनी मांगों को लेकर आवाज़ उठाई। उनका कहना था कि इतनी भारी भीड़ और तैयारी के बावजूद सीएम ने बात नहीं की, जिससे वे खुद को उपेक्षित महसूस कर रही हैं।

मंच से संवाद न होने और कार्यक्रम की इस तरह की समाप्ति ने स्थानीय प्रशासन और आयोजन समिति की तैयारियों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। महिलाओं का कहना था कि वे अपनी मांगों और समस्याओं को सीधे सीएम तक पहुंचाना चाहती थीं, लेकिन उन्हें कोई मौका ही नहीं मिला।

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