गुवाहाटी | एजेंसी
भारतीय जनता पार्टी के चाणक्य और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने असम के श्रीभूमि जिले (पथारकंडी) में एक विशाल चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए विपक्षी दलों पर तीखा प्रहार किया है। शाह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि केवल भाजपा ही असम को अवैध घुसपैठ से बचाकर उसकी सांस्कृतिक पहचान को सुरक्षित रख सकती है। उन्होंने मंच से घोषणा की कि सरकार ने घुसपैठियों को चिह्नित कर लिया है और 4 मई के बाद इन्हें चुन-चुन कर बाहर निकालने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
अमित शाह ने कांग्रेस पर वोट बैंक की राजनीति का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी अवैध घुसपैठियों के सहारे सत्ता हथियाने का षड्यंत्र रच रही है। राहुल गांधी पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा, “राहुल गांधी कान खोलकर सुन लें, हम असम को घुसपैठिया बहुल राज्य नहीं बनने देंगे। जिनकी जड़ें इटली में हों, उन्हें श्रीभूमि का महत्व समझ नहीं आएगा।” शाह ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असमिया और बांग्ला भाषा को शास्त्रीय भाषा का दर्जा देकर पूर्वोत्तर के सम्मान को बढ़ाया है, जबकि कांग्रेस ने हमेशा घुसपैठ को बढ़ावा देने वाले कानूनों का समर्थन किया है।
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गृह मंत्री ने सीएए (CAA) का जिक्र करते हुए कहा कि जब हम शरणार्थियों को नागरिकता देने की बात करते हैं, तो कांग्रेस इसका विरोध करती है। उन्होंने 1983 के आईएमडीटी एक्ट को घुसपैठियों को संरक्षण देने वाला कानून बताया। शाह ने वादा किया कि असम, बंगाल और त्रिपुरा में भाजपा-एनडीए की सरकार बनते ही पूरी तरह से घुसपैठ बंद कर दी जाएगी। उनके अनुसार, ये घुसपैठिये स्थानीय युवाओं के रोजगार, गरीबों के राशन और चाय बागान मजदूरों की मेहनत का हक छीन रहे हैं।
रैली के दौरान शाह ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के हालिया बयानों पर भी कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि खड़गे द्वारा भाजपा समर्थित राज्यों को ‘अनपढ़’ कहना और भाजपा-आरएसएस की तुलना सांपों से करना लोकतंत्र की भाषा नहीं है। शाह ने याद दिलाया कि गुजरात ने महात्मा गांधी और सरदार पटेल जैसे महान नेता दिए हैं, ऐसे में कांग्रेस नेताओं का गिरता स्तर उनकी हताशा को दर्शाता है।
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