रांंची/चतरा: झारखंड के चतरा जिले में हुए भयावह एयर एंबुलेंस हादसे ने पूरे राज्य को शोक की लहर में डुबो दिया है। मंगलवार को चतरा के सांसद कालीचरण सिंह और सूबे के पूर्व मंत्री सत्यानंद भोक्ता सिमरिया प्रखंड के उस दुर्गम ‘चरकी टोंगरी करमटांड़’ जंगल पहुंचे, जहां बीते शाम रेड बर्ड एविएशन का एयर एंबुलेंस क्रैश हो गया था। घटनास्थल का मंजर देख अधिकारियों से जानकारी लेते हुए दोनों नेताओं की आंखें भी नम दिखीं।

शोक में डूबा चतरा, मुआवजे की उठी मांग

घटनास्थल पर पहुंचे सांसद कालीचरण सिंह ने इस हादसे को अपूरणीय क्षति बताया। उन्होंने अत्यंत भावुक स्वर में कहा, “यह सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि सात परिवारों का उजड़ जाना है। हम सभी गहरे सदमे में हैं। सबसे ज्यादा दुखद यह है कि मृतकों में चतरा की एक बेटी भी शामिल थी और अधिकांश मृतक इसी लोकसभा क्षेत्र के रहने वाले थे।” सांसद ने ईश्वर से शोक संतप्त परिवारों को संबल देने की प्रार्थना की और सरकार के सामने कड़ा रुख अपनाते हुए मांग रखी कि प्रत्येक मृतक के आश्रितों को 50-50 लाख रुपये का मुआवजा तत्काल दिया जाए।

पूर्व मंत्री ने साझा किया पीड़ित परिवारों का दर्द

वहीं, पूर्व मंत्री सत्यानंद भोक्ता ने भी घटनास्थल का मुआयना किया और शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। भोक्ता ने कहा, “इन सात मौतों ने पूरे राज्य को स्तब्ध कर दिया है। यह घड़ी राजनीति की नहीं, बल्कि उन परिवारों के साथ खड़े होने की है जिन्होंने अपने चिराग खो दिए हैं।” उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिए कि राहत कार्यों और कागजी कार्रवाई में कोई ढिलाई न बरती जाए ताकि परिजनों को जल्द से जल्द मदद मिल सके।

हादसे के पीछे की गुत्थी

शुरुआती जानकारी के अनुसार, रेड बर्ड एविएशन के इस विमान ने उड़ान तो भरी थी, लेकिन तकनीकी खराबी या खराब मौसम के कारण यह चरकी टोंगरी के घने जंगलों में समा गया। फिलहाल तकनीकी विशेषज्ञों की टीम और स्थानीय पुलिस बल घटनास्थल पर सुराग जुटाने में लगे हैं।

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