Patna: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और डिजिटल तकनीक के उपयोग से बिहार के विधायकों और विधान पार्षदों का क्षमता वर्द्धन होगा। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से विकास कार्यों की गुणवत्ता, पारदर्शिता और प्रभावी निगरानी के लिए आधुनिक तकनीकों का अधिकतम उपयोग करने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री बिहार विधानसभा के विस्तारित भवन में आयोजित बिहार विधान मंडल सदस्यों के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता के संवेदीकरण एवं मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना के कार्यान्वयन संबंधी प्रबोधन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
Read more: गंगा पार सफर अब मुफ्त, CM सम्राट चौधरी ने दिखाई स्टीमर फेरी सेवा को हरी झंडी
मुख्यमंत्री ने कौन-सी नई पहल की?
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना के अंतर्गत परियोजना निगरानी प्रणाली (Project Monitoring System) वेब पोर्टल का रिमोट के माध्यम से शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि इस पोर्टल से विकास योजनाओं की निगरानी अधिक प्रभावी और पारदर्शी ढंग से की जा सकेगी।
AI और डिजिटल तकनीक पर क्या बोले मुख्यमंत्री?
सम्राट चौधरी ने कहा कि 20 से 25 वर्ष पहले कंप्यूटर का उपयोग सीमित था, लेकिन आज कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डिजिटल तकनीक शासन, प्रशासन और विकास कार्यों की महत्वपूर्ण आवश्यकता बन चुकी है। उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं के एस्टीमेट तैयार करने में भी AI का उपयोग किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री के अनुसार, भवन निर्माण विभाग के एक एस्टीमेट की AI के माध्यम से जांच करने पर 5 से 7 प्रतिशत तक लागत की बचत हुई, जिसका उपयोग अन्य विकास कार्यों में किया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार सहयोग कार्यक्रम के संचालन, एक करोड़ पात्र लोगों को राशन कार्ड उपलब्ध कराने की प्रक्रिया तथा किसानों के डिजिटल सर्वे जैसे कार्यों में भी AI का उपयोग कर रही है। साथ ही 60 लाख किसानों को डिजिटल आईडी से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि मुजफ्फरपुर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और कंप्यूटर साइंस विश्वविद्यालय की स्थापना की जा रही है।
Read more: बिहार गति समीक्षा: सीएम सम्राट चौधरी ने अफसरों से कहा- बहाने नहीं, समय पर पूरा करें काम
जनप्रतिनिधियों को क्या सलाह दी?
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी मंत्री, विधायक, विधान पार्षद और उनके सहयोगियों को समय-समय पर AI, कंप्यूटर और सोशल मीडिया के उपयोग का प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए, ताकि वे नई तकनीकों के साथ अपडेट रहकर जनता की बेहतर सेवा कर सकें। उन्होंने यह भी कहा कि बिहार के सभी पंचायतों में मौसम केंद्र संचालित हैं और मौसम पूर्वानुमान 70 से 80 प्रतिशत तक सटीक साबित हो रहा है, जो कृषि और ग्रामीण विकास के लिए उपयोगी है।
कार्यक्रम में कौन-कौन रहे मौजूद?
कार्यक्रम में बिहार विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, बिहार विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह, बिहार विधानसभा के उपाध्यक्ष नरेंद्र नारायण यादव, योजना एवं विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव डा. एन. विजयलक्ष्मी, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह सहित मंत्रीगण, विधायक, विधान पार्षद और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
Read more: बिहार में होगी 1,000 खनन सिपाहियों की भर्ती, मंत्री प्रमोद कुमार का ऐलान





