World News: अफगानिस्तान एक बार फिर प्राकृतिक आपदा की चपेट में आ गया है। बीती रात यहां 6.0 तीव्रता का भीषण भूकंप आया, जिसने कई जिलों को बुरी तरह हिला दिया। शुरुआती आंकड़ों के अनुसार 250 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और 500 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। आशंका जताई जा रही है कि जैसे-जैसे मलबा हटाने का काम आगे बढ़ेगा, मृतकों का आंकड़ा और बढ़ सकता है।
स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि पहाड़ी इलाकों और टूटी सड़कों की वजह से राहत और बचाव कार्य बेहद मुश्किल हो रहा है। कई गांवों तक राहत टीमें अब तक नहीं पहुंच पाई हैं। सरकार ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तत्काल मदद की अपील की है। तालिबान प्रशासन ने कहा है कि उन्हें हेलिकॉप्टर और मेडिकल टीम की सख्त जरूरत है, क्योंकि सड़क मार्ग से पहुंचना लगभग नामुमकिन है।
भूकंप के बाद प्रभावित जिलों में चिकित्सा शिविर लगाए जा रहे हैं, लेकिन सीमित संसाधनों के कारण हर किसी तक मदद पहुंचाना बड़ी चुनौती बन गया है। कई परिवारों ने अपने घर खो दिए हैं और अब खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। पानी और भोजन की भारी कमी हो गई है, जिससे हालात और बिगड़ने का खतरा है।
संयुक्त राष्ट्र और कई मानवीय संगठन स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। संयुक्त राष्ट्र की टीम जल्द ही प्रभावित इलाकों का दौरा करेगी और राहत सामग्री भेजे जाने की तैयारी की जा रही है। इस त्रासदी ने अफगानिस्तान की पहले से कमजोर अर्थव्यवस्था और स्वास्थ्य ढांचे पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। लोगों को उम्मीद है कि अंतरराष्ट्रीय मदद से उनकी जिंदगी पटरी पर लौट पाएगी।



