जमशेदपुर: झारखंड भाजपा के नवनिर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद आदित्य साहू ने राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर हेमंत सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शुक्रवार को जमशेदपुर परिसदन में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड में अब अपराध का स्वरूप बदल गया है। साहू के अनुसार, “पहले यहां पत्थर, लोहा और कोयले की लूट होती थी, लेकिन अब अपहरण एक संगठित उद्योग की शक्ल ले चुका है।”

कैरव गांधी केस में पुलिस की निष्क्रियता पर सवाल: जमशेदपुर के चर्चित कैरव गांधी अपहरण मामले में 10 दिन बीत जाने के बाद भी कोई सुराग न मिलने पर साहू ने कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने सीधे तौर पर जमशेदपुर एसएसपी की कार्यशैली पर सवाल खड़ा किया। परिजनों से मुलाकात के बाद प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि जब जिले का कप्तान ही सक्रिय नहीं रहेगा, तो अपराधियों के मन से पुलिस का खौफ खत्म होना लाजिमी है। उन्होंने इस पूरे प्रकरण की सीबीआई (CBI) जांच की मांग की है।

90 के दशक के बिहार से की तुलना: आदित्य साहू ने राज्य की मौजूदा स्थिति की तुलना 90 के दशक के बिहार के ‘जंगलराज’ से की। उन्होंने कहा कि रांची से लेकर कोडरमा तक बच्चे लापता हैं और सरकार मूकदर्शक बनी हुई है। साहू ने चेतावनी दी कि वे 27 जनवरी को राज्य के डीजीपी और 28 जनवरी को केंद्रीय गृह मंत्री से मिलकर झारखंड के बिगड़ते हालात की जानकारी देंगे।

नगर निकाय चुनाव और भ्रष्टाचार का मुद्दा: प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने नगर निकाय चुनावों को लेकर भी सरकार को घेरा। साहू ने दावा किया कि सरकार हार के डर से दलीय चिन्ह और ईवीएम से चुनाव कराने से बच रही है। उन्होंने जमीन लूट, कोयला तस्करी और महिलाओं पर बढ़ते अत्याचार को लेकर सरकार की मंशा पर सवाल उठाए। भाजपा अध्यक्ष ने साफ शब्दों में कहा कि यदि अपहृत युवक की जल्द बरामदगी नहीं हुई, तो पार्टी सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करेगी।

प्रेस वार्ता में भाजपा के कई वरिष्ठ नेता और महानगर अध्यक्ष संजीव सिन्हा सहित जिला मीडिया प्रभारी भी उपस्थित रहे।

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