Ranchi : राजधानी रांची स्थित मारवाड़ी कॉलेज एक बार फिर विवादों में है। कॉलेज प्रशासन ने जन सूचना अधिकार अधिनियम 2005 (RTI) के तहत मांगी गई जानकारी देने से इंकार कर दिया है। यह जानकारी रांची निवासी अब्दुल जमाल गद्दी, ग्वाला टोली रोड, हिंदपीढ़ी द्वारा मांगी गई थी। श्री गद्दी ने 25 जुलाई 2025 को कॉलेज के जनसूचना पदाधिकारी से एक कर्मचारी की नियुक्ति प्रक्रिया और पद विवरण से संबंधित विस्तृत जानकारी मांगी थी। आरटीआई कानून के अनुसार 30 दिनों के भीतर सूचना देना अनिवार्य होता है, लेकिन निर्धारित समय सीमा बीत जाने के बाद भी कॉलेज प्रशासन की ओर से कोई उत्तर नहीं दिया गया।
सूचना न मिलने पर आवेदक ने 16 सितम्बर 2025 को प्रथम अपील दायर की। हालांकि, कॉलेज प्रशासन ने 16 अक्टूबर 2025 को अपने जवाब में यह कहते हुए सूचना देने से इंकार कर दिया कि “मांगी गई जानकारी व्यक्तिगत प्रकृति की है”। अब्दुल जमाल गद्दी ने इसे जन सूचना अधिकार अधिनियम की धारा 8(1)(j) का गलत उपयोग बताया है। उनका कहना है कि मांगी गई सूचना किसी व्यक्ति की निजी जिंदगी से नहीं बल्कि एक सार्वजनिक संस्था के कर्मचारी की नियुक्ति प्रक्रिया से जुड़ी है, जो जनहित का विषय है।
उन्होंने कहा कि “मारवाड़ी कॉलेज प्रशासन का यह रवैया पारदर्शिता और जवाबदेही की भावना के खिलाफ है। यह स्पष्ट रूप से RTI कानून की भावना को कमजोर करता है।” श्री गद्दी ने अब यह मामला राज्य सूचना आयोग में ले जाने का निर्णय लिया है, ताकि इस पर न्यायपूर्ण कार्रवाई हो और जनता को यह संदेश मिले कि कोई भी सार्वजनिक संस्था जवाबदेही से बच नहीं सकती। उन्होंने मांग की है कि कॉलेज प्रशासन को तत्काल सही और पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया जाए, जिससे पारदर्शिता और जनहित सुनिश्चित हो सके।



