Jamshedpur news: शहर के अत्यधिक व्यस्त इलाकों में शामिल मानगो बस स्टैंड के पास हुई भीषण सड़क दुर्घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। इस हादसे में पहले पति की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि गंभीर रूप से घायल पत्नी ने रविवार सुबह इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। पति-पत्नी दोनों की असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और उनके दो मासूम बच्चे अनाथ हो गए हैं।
जानकारी के अनुसार, शनिवार को मानगो बस स्टैंड के समीप एक तेज रफ्तार वाहन की चपेट में आने से मानगो डिमना रोड विश्वकर्मा लाईन निवासी लाल शर्मा की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि उनकी पत्नी नीलू शर्मा गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तत्काल एमजीएम अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई थी। डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद रविवार सुबह नीलू शर्मा ने भी दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।
हादसे की खबर फैलते ही घटनास्थल और अस्पताल में लोगों की भारी भीड़ जुट गई। लोगों की आंखों में आंसू थे तो प्रशासन के प्रति गुस्सा भी साफ नजर आ रहा था। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह हादसा अचानक नहीं हुआ, बल्कि लंबे समय से चली आ रही लापरवाही का परिणाम है। मानगो बस स्टैंड क्षेत्र पहले से ही दुर्घटना संभावित जोन बन चुका है, जहां दिन-रात भारी वाहनों, बसों, ऑटो और दोपहिया वाहनों की अव्यवस्थित आवाजाही बनी रहती है।
लोगों का आरोप है कि ट्रैफिक पुलिस की कार्रवाई केवल हेलमेट जांच और चालान काटने तक सीमित रह गई है। दुर्घटनाओं को रोकने के लिए न तो पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती होती है और न ही जाम की स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कोई ठोस व्यवस्था की जाती है। सड़क किनारे खड़े वाहन, अवैध बस और ऑटो स्टैंड तथा भीषण जाम हादसों की बड़ी वजह बनते जा रहे हैं।
घटना से नाराज स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने रविवार को सीतारामडेरा थाना पर प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ आक्रोश जताया। लोगों ने मांग की कि मानगो बस स्टैंड क्षेत्र में स्थायी ट्रैफिक व्यवस्था की जाए, सुरक्षा उपाय बढ़ाए जाएं और मृतक दंपति के दोनों बच्चों को तत्काल मुआवजा और सरकारी संरक्षण दिया जाए।



