Ranchi : झारखंड की राजधानी रांची में पुस्तक प्रेमियों के लिए एक बार फिर ज्ञान और साहित्य का उत्सव सजने जा रहा है। जिला स्कूल मैदान में आयोजित होने वाले 10 दिवसीय राष्ट्रीय पुस्तक मेले की तैयारियां रविवार को विधिवत भूमि पूजन के साथ प्रारंभ हो गईं। भूमि पूजन कार्यक्रम में समय इंडिया के प्रबंध न्यासी चन्द्र भूषण, मंडप निर्माण से जुड़ी संस्था के प्रतिनिधि, स्थानीय लेखक, साहित्यकार और संस्कृतिकर्मी मौजूद रहे।
यह राष्ट्रीय पुस्तक मेला आगामी 26 दिसंबर से 4 जनवरी तक आयोजित किया जाएगा। इस दौरान जिला स्कूल मैदान में अक्षरों की दुनिया सजेगी, जहां एक ही छत के नीचे हर आयु वर्ग के पाठकों के लिए हिंदी और अंग्रेजी भाषा की पुस्तकों का विशाल संग्रह उपलब्ध रहेगा। समय इंडिया, नई दिल्ली द्वारा आयोजित यह मेला पुस्तकों को पाठकों से जोड़ने की मुहिम का अहम हिस्सा है। मेला प्रतिदिन सुबह 11 बजे से शाम 7.30 बजे तक पाठकों के लिए खुला रहेगा।
समय इंडिया के प्रबंध न्यासी चन्द्र भूषण ने बताया कि इस बार के राष्ट्रीय पुस्तक मेले को लेकर देशभर के प्रकाशकों और पुस्तक विक्रेताओं में खासा उत्साह है। कई प्रतिष्ठित प्रकाशन संस्थान अपनी नई और चर्चित पुस्तकों के साथ-साथ लोकप्रिय पुरानी कृतियों का भी समृद्ध संग्रह लेकर रांची पहुंचेंगे। उन्होंने कहा कि पुस्तकें केवल ज्ञान का स्रोत नहीं होतीं, बल्कि पाठकों को संवेदनशीलता, कल्पनाशीलता और मानवीय मूल्यों से भी जोड़ती हैं। इस मेले का मुख्य उद्देश्य समाज में पुस्तकों के प्रति बढ़ती उदासीनता को दूर करना और नई पीढ़ी को फिर से किताबों की ओर आकर्षित करना है।
मेले में जिन प्रमुख प्रकाशकों और पुस्तक विक्रेताओं की सहभागिता सुनिश्चित हुई है, उनमें राजपाल एण्ड संस, प्रकाशन संस्थान, समय प्रकाशन, यश प्रकाशन, योगदा सत्संग सोसायटी ऑफ इंडिया, क्राउन पब्लिकेशन, झारखंड झरोखा, गीता प्रेस, श्री कबीर ज्ञान प्रकाशन केन्द्र, बोधकृति प्रकाशन, त्रिदेव बुक कलेक्शन, सस्ता साहित्य मंडल और उपकार प्रकाशन शामिल हैं। इसके अलावा वाणी प्रकाशन, राजकमल प्रकाशन, राधाकृष्ण प्रकाशन, पुस्तक महल, मनोज पब्लिकेशन और किताब घर की पुस्तकें भी पाठकों के लिए उपलब्ध रहेंगी।
पाठकों के आकर्षण का केंद्र बनने के लिए मेले में एक विशेष भारतीय मंडप भी तैयार किया जा रहा है, जहां विभिन्न प्रकाशकों की बेस्ट सेलर पुस्तकों की श्रृंखला एक ही स्थान पर उपलब्ध होगी। इसके साथ ही मेले के दौरान स्कूली बच्चों के लिए कई रोचक और रचनात्मक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। इनमें कविता और कहानी पाठ, चित्रकला, गायन, नृत्य, देशभक्ति गीत और फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता प्रमुख हैं। सभी प्रतियोगिताएं पूरी तरह निःशुल्क होंगी।
इसके अतिरिक्त पुस्तक मेले में कवि-सम्मेलन, कवयित्री पाठ और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा, जिससे साहित्य प्रेमियों और आम दर्शकों को भरपूर मनोरंजन और साहित्यिक अनुभव मिल सके।



