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‘लोकतंत्र नहीं, विपक्ष की कुर्सी खतरे में’, नितिन नवीन ने विपक्ष को घेरा

बिहार के भागलपुर में 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान के तहत आयोजित पदयात्रा और जनसभा में भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि लोकतंत्र नहीं बल्कि विपक्ष की कुर्सी खतरे में है।

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Bhagalpur: भागलपुर में सोमवार को ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत एक भव्य पदयात्रा और जनसभा का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करते हुए विपक्षी दलों पर जोरदार निशाना साधा। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि देश में लोकतंत्र खतरे में नहीं है, बल्कि विपक्षी नेताओं की कुर्सी खतरे में है। विपक्षी दल अपनी राजनीतिक नाकामियों से सबक सीखने के बजाय लगातार संवैधानिक संस्थाओं पर बेबुनियाद सवाल उठाकर देश में अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं।

विपक्ष पर झूठ की राजनीति और भ्रम फैलाने का आरोप

भागलपुर के ऐतिहासिक लाजपत पार्क में आयोजित विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए नितिन नवीन ने कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों पर जनता को भ्रमित करने का खुला आरोप लगाया। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष के ये नेता केवल ‘झूट की खेती’ कर रहे हैं। बिहार से शुरू हुए मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि विपक्ष ने इस पर ‘वोट चोरी’ के मनगढ़ंत आरोप लगाए, जबकि चुनाव आयोग के समक्ष अपनी बात रखने और शिकायत दर्ज कराने का पूरा अवसर मिलने के बावजूद उन्होंने कोई आधिकारिक शिकायत नहीं की।

नितिन नवीन ने स्पष्ट किया कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने या हटाने के लिए पूरे 60 दिन का पर्याप्त समय दिया गया था। इस पूरी प्रक्रिया में भाजपा और एनडीए के कार्यकर्ताओं ने जनता के साथ मिलकर बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, जबकि कांग्रेस और राजद के नेता जनता के बीच जाने से कतराते रहे। उन्होंने कहा कि एसआईआर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब विपक्ष के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है, और जनता ने चुनाव के जरिए उन्हें इसका करारा जवाब दे दिया है।

परिवारवाद और संवैधानिक संस्थाओं पर प्रहार

उन्होंने देश के विभिन्न राज्यों का हवाला देते हुए कहा कि कांग्रेस, राजद, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस और आम आदमी पार्टी जैसे दलों को जनता ने लगातार नकारा है, जिसके बौखलाहट में ये दल संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा को ठेस पहुंचा रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब यही दल चुनाव जीतते हैं तो इसे लोकतंत्र की जीत बताते हैं, लेकिन हार मिलते ही ईवीएम और चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाने लगते हैं।

उन्होंने 2014 के लोकसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि भ्रष्टाचार, आतंकवाद और जन-निराशा के कारण जनता ने कांग्रेस को खारिज किया था, जबकि 2019 और 2024 में पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की जनता ने विकास और सुरक्षा पर मुहर लगाई। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी विदेशी ताकतों के टूलकिट के रूप में इस्तेमाल हो रहे हैं और भारत के विकास को बाधित करने का प्रयास कर रहे हैं।

बिहार के विकास और एनडीए की प्रतिबद्धता

नितिन नवीन ने विश्वास जताया कि भारत का मजबूत लोकतंत्र पीएम मोदी के विकास एजेंडे के साथ मजबूती से खड़ा है। उन्होंने दो टूक कहा कि यह देश बाबा साहेब के संविधान से चलेगा, किसी परिवार के निजी कानून से नहीं। उन्होंने बिहार की जनता का आभार जताते हुए कहा कि पूर्व सीएम नीतीश कुमार और सीएम सम्राट चौधरी के नेतृत्व में राज्य में विकास की गति तेजी से आगे बढ़ रही है।

जनसभा के समापन के बाद लाजपत पार्क से एक भव्य पदयात्रा निकाली गई, जो शहर के घंटाघर चौक पर जाकर समाप्त हुई। इस पदयात्रा और जनसभा में एनडीए के विभिन्न घटक दलों के प्रमुख नेता और हजारों की संख्या में कार्यकर्ता उत्साह के साथ शामिल हुए।

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