New Delhi: देश के करोड़ों रसोई गैस उपभोक्ताओं के लिए 1 नवंबर से LPG सिलेंडर की कीमतों और पहले से लागू नियमों पर नजर रखना बेहद जरूरी हो गया है। हर महीने की पहली तारीख को तेल कंपनियां घरेलू और कमर्शियल सिलेंडरों की कीमतों की समीक्षा करती हैं। इसके अलावा आधार ई-केवाईसी, गैस बुकिंग, होम डिलीवरी और पीएनजी कनेक्शन से जुड़े नियम भी उपभोक्ताओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं।
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1. आधार ई-केवाईसी अनिवार्य
सरकारी LPG सब्सिडी का लाभ उठाने वाले पात्र उपभोक्ताओं के लिए आधार आधारित बायोमेट्रिक ई-केवाईसी कराना महत्वपूर्ण है। इंडेन के ग्राहक IndianOil One, भारत गैस के ग्राहक Hello BPCL और एचपी गैस के ग्राहक HP Pay ऐप के जरिए यह सत्यापन कर सकते हैं। इसके अलावा अपनी संबंधित गैस एजेंसी से भी सहायता ली जा सकती है।
2. अगली बुकिंग के लिए 25 दिन का अंतर
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, एक सिलेंडर की बुकिंग के बाद अगला रिफिल बुक कराने के बीच कम से कम 25 दिनों का अंतर होना अनिवार्य किया गया है। इसलिए उपभोक्ताओं को अपनी खपत के हिसाब से समय रहते गैस बुकिंग की योजना बनानी चाहिए।
3. डिलीवरी के लिए डीएसी (DAC) कोड जरूरी
सिलेंडर बुक करने के बाद उपभोक्ता के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर चार अंकों का डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) भेजा जाता है। सिलेंडर की डिलीवरी लेते समय डिलीवरी मैन को यह कोड बताना जरूरी होता है, जिससे सही और सुरक्षित ग्राहक तक सिलेंडर की डिलीवरी सुनिश्चित की जा सके।
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4. पीएनजी कनेक्शन और अन्य नियम
– पीएनजी कनेक्शन: जिन घरों में पाइपलाइन से रसोई गैस (PNG) का कनेक्शन ले लिया गया है, उन्हें LPG कनेक्शन से जुड़े नियमों के तहत पुराना कनेक्शन सरेंडर या ट्रांसफर कराना पड़ सकता है।
– सिलेंडर की कीमतें: तेल कंपनियां हर महीने की पहली तारीख को 14.2 किलो के घरेलू और 19 किलो के कमर्शियल सिलेंडरों की कीमतों की समीक्षा करती हैं, हालांकि हर महीने दाम बदलना अनिवार्य नहीं है।
– मुफ्त सिलेंडर योजना: उज्ज्वला योजना जैसी मुफ्त गैस सिलेंडर योजनाओं के लाभ राज्यों के हिसाब से भिन्न हो सकते हैं, इसलिए स्थानीय सरकारी घोषणाओं की जांच अवश्य करें।
उपभोक्ताओं के लिए जरूरी सलाह: गैस बुक करने से पहले अपनी ई-केवाईसी स्थिति की जांच कर लें, 25 दिन के नियम का ध्यान रखें और डिलीवरी के वक्त अपना डीएसी कोड तैयार रखें।







