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1.06 लाख करोड़ के योजना बजट में सिर्फ 31 हजार करोड़ खर्च, वित्त मंत्री ने मांगी समीक्षा

झारखंड में वित्तीय वर्ष 2026-27 के योजना बजट की राशि खर्च करने की रफ्तार काफी धीमी है। इसे लेकर वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने चिंता जताई है। उन्होंने विकास आयुक्त को पत्र लिखकर कम खर्च करने वाले विभागों के सचिवों के साथ समीक्षा बैठक करने

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रांची : झारखंड में वित्तीय वर्ष 2026-27 के योजना बजट की राशि खर्च करने की रफ्तार काफी धीमी है। इसे लेकर वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने चिंता जताई है। उन्होंने विकास आयुक्त को पत्र लिखकर कम खर्च करने वाले विभागों के सचिवों के साथ समीक्षा बैठक करने का निर्देश दिया है। साथ ही योजनाओं के काम में तेजी लाने को कहा है।

राज्य का पुनरीक्षित योजना बजट 1,06,200.94 करोड़ रुपये है। लेकिन 22 अक्टूबर तक इसमें से केवल 31,196.72 करोड़ रुपये ही खर्च हुए हैं। यह कुल बजट का 29.38 प्रतिशत है।

सितंबर तक 50 प्रतिशत राशि खर्च करने का था लक्ष्य

वित्त मंत्री ने पत्र में कहा है कि वित्त विभाग के पुराने निर्देश के अनुसार 30 सितंबर तक योजना बजट की कम से कम 50 प्रतिशत राशि खर्च हो जानी चाहिए थी। लेकिन अक्टूबर के तीसरे सप्ताह तक खर्च 30 प्रतिशत भी नहीं पहुंच सका है। पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 में भी सरकार योजना बजट का करीब 76 प्रतिशत ही खर्च कर पाई थी।

पेयजल विभाग ने खर्च किए सिर्फ 4.88 प्रतिशत

विभागवार आंकड़ों के अनुसार, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग खर्च के मामले में सबसे पीछे है। विभाग को 5,200.01 करोड़ रुपये मिले थे, लेकिन अब तक केवल 253.78 करोड़ रुपये ही खर्च हुए हैं।

वहीं गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने 6.20 प्रतिशत और ग्रामीण विकास विभाग ने 11.59 प्रतिशत राशि खर्च की है। वन एवं पर्यावरण विभाग का खर्च 12.68 प्रतिशत, कल्याण विभाग का 15.69 प्रतिशत और शहरी विकास विभाग का 15.94 प्रतिशत रहा है।

स्वास्थ्य और सड़क निर्माण विभाग भी पीछे

पथ निर्माण विभाग ने 6,000 करोड़ रुपये के बजट में से 1,187.23 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने 6,148 करोड़ रुपये में से 1,525.25 करोड़ रुपये खर्च किए हैं।

कृषि विभाग ने 4,281.93 करोड़ रुपये में से 916.47 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग का खर्च 26.17 प्रतिशत रहा है। खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग ने 16.54 प्रतिशत राशि खर्च की है।

60 दिनों में टेंडर प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश

वित्त मंत्री ने निर्माण कार्यों से जुड़े विभागों में टेंडर प्रक्रिया में देरी पर भी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि कई योजनाओं में टेंडर पूरा होने में छह महीने से डेढ़ साल तक लग जाते हैं। इससे विकास कार्य शुरू होने में देरी होती है।

उन्होंने निर्माण विभागों में टेंडर प्रक्रिया 60 दिनों के अंदर पूरी कराने पर जोर दिया है, ताकि योजनाओं का काम समय पर शुरू हो सके।

दिसंबर तक 75 हजार करोड़ खर्च करने का लक्ष्य

झारखंड सरकार ने दिसंबर 2026 तक योजना बजट से कम से कम 75 हजार करोड़ रुपये खर्च करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए अगले दो महीनों में करीब 43,803 करोड़ रुपये और खर्च करने होंगे।

वित्त मंत्री ने सभी विभागों को योजनाओं के काम में तेजी लाने और बजट की राशि का सही उपयोग सुनिश्चित करने को कहा है। उन्होंने वित्तीय अनुशासन और पारदर्शिता बनाए रखने पर भी जोर दिया है।

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