रांची: आम जनता और पुलिस तंत्र के बीच की खाई को पाटने तथा नागरिकों की अनसुनी शिकायतों का त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी समाधान तलाशने के उद्देश्य से रांची पुलिस ने एक संवेदनशील व सराहनीय कदम उठाया है। राजधानी रांची के विभिन्न इलाकों में रहने वाले नागरिकों को अब अपनी छोटी-बड़ी समस्याओं या लंबित मामलों को लेकर वरीय अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कार्यालय द्वारा जारी आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, 28 अक्टूबर 2026 को जिले के लगभग सभी थाना एवं आउटपोस्ट (ओ०पी०) परिसरों में एक दिवसीय विशेष ‘जन शिकायत समाधान कार्यक्रम’ का वृहद स्तर पर आयोजन किया जा रहा है।
इस विशेष जन-संवाद अभियान की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि वरीय पुलिस अधीक्षक से लेकर नगर, ग्रामीण एवं यातायात पुलिस अधीक्षक तथा विभिन्न अनुमंडलों के डीएसपी खुद अलग-अलग थानों में मौजूद रहकर आमजन से सीधे मुखातिब होंगे।
जनता के द्वार पर खाकी, खुद कमान संभालेंगे कप्तान और पुलिस अधीक्षक
अक्सर देखने में आता है कि स्थानीय थाना स्तर पर सुनवाई न होने या जांच में अनावश्यक देरी के कारण पीड़ित व्यक्ति हताश हो जाता है और उसे न्याय पाने के लिए एसएसपी आवास या समाहरणालय तक की लंबी दौड़ लगानी पड़ती है। आम नागरिक की इसी पीड़ा को समझते हुए रांची पुलिस ने यह निर्णय लिया है कि उच्चाधिकारी खुद थानों में जाकर बैठेंगे और जनता से आमने-सामने संवाद करेंगे।
जारी समय-सारणी के मुताबिक, स्वयं वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) राकेश रंजन दोपहर 12 बजे से अपराह्न 3 बजे तक सुखदेवनगर थाना में जनता की फरियाद सुनेंगे। इसी प्रकार, पुलिस अधीक्षक (नगर) पारस राणा चुटिया थाना में दोपहर 12 से 3 बजे तक मौजूद रहेंगे। वहीं, राजधानी की ट्रैफिक और शहरी व्यवस्था को करीब से परखने वाले पुलिस अधीक्षक (यातायात) राकेश सिंह सदर थाना में तथा पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) गौरव गोस्वामी नगड़ी थाना में दोपहर 12 से 3 बजे तक आम लोगों की शिकायतों के निपटारे के लिए उपलब्ध रहेंगे।
नगर और ग्रामीण अंचलों में डीएसपी संभालेंगे मोर्चा
शहर और ग्रामीण इलाकों के थानों को दो अलग-अलग शिफ्टों (पूर्वाह्न 11 से 1 बजे और दोपहर 1 से 3 बजे) में विभाजित कर पुलिस उपाधीक्षकों की जिम्मेदारी भी तय कर दी गई है।
- सहायक पुलिस अधीक्षक (कोतवाली) निखिल राय दोपहर 12 से 3 बजे तक सुखदेवनगर थाना में मौजूद रहेंगे।
- वरीय पुलिस उपाधीक्षक (नगर) के० वि० रमण पूर्वाह्न 11 से 1 बजे तक लालपुर थाना में तथा दोपहर 1 से 3 बजे तक चुटिया थाना में लोगों की समस्याएं सुनेंगे।
- पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय-द्वितीय) अजय आर्यन पूर्वाह्न 11 से 1 बजे तक नगड़ी थाना और दोपहर 1 से 3 बजे तक रातू थाना में जन सुनवाई करेंगे।
- वरीय पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय-प्रथम) अमर कुमार पाण्डेय पूर्वाह्न 11 से 1 बजे तक कांके थाना और दोपहर 1 से 3 बजे तक नामकुम थाना में कैंप करेंगे।
- पुलिस उपाधीक्षक (सदर) संजीव कुमार बेसरा पूर्वाह्न 11 से 1 बजे तक सदर थाना में तथा दोपहर 1 से 3 बजे तक गोंदा थाना में उपस्थित रहेंगे।
- पुलिस उपाधीक्षक (हटिया) नीरज कुमार पूर्वाह्न 11 से 1 बजे तक धुर्वा थाना एवं दोपहर 12 से 3 बजे तक जगन्नाथपुर थाना में जन शिकायतें सुनेंगे।
- बुंडू अनुमंडल क्षेत्र में पुलिस उपाधीक्षक (बुण्डू) ओम प्रकाश पूर्वाह्न 11 से 1 बजे तक दशमफॉल थाना तथा दोपहर 1 से 3 बजे तक सोनाहातू थाना में जनता से रूबरू होंगे।
- आज के डिजिटल युग में तेजी से बढ़ रहे ऑनलाइन फ्रॉड और वित्तीय ठगी से जुड़े मामलों के निवारण के लिए पुलिस उपाधीक्षक (साइबर) प्रदीप कुमार दोपहर 12 से 3 बजे तक रांची स्थित साइबर थाना में मौजूद रहेंगे।
इन सभी थानों में संबंधित थाना प्रभारियों की उपस्थिति भी अनिवार्य की गई है, ताकि किसी भी शिकायत पर तुरंत संबंधित जांच अधिकारी या केस डायरी तलब कर निर्णय लिया जा सके।
ग्रामीण व शहरी थानों में थाना प्रभारी खुद करेंगे सुनवाई
जिन थानों में वरीय पदाधिकारियों का दौरा निर्धारित नहीं है, वहाँ दोपहर 12 से 3 बजे तक संबंधित पुलिस निरीक्षक सह थाना प्रभारी स्वयं थाना परिसर में मौजूद रहेंगे। इनमें डेलीमार्केट, ओरमांझी, पुंदाग ओ०पी०, बरियातू, खेलगांव, अरगोड़ा, एयरपोर्ट, कोतवाली, डोरंडा, लोअरबाजार, हिन्दपीढ़ी, विधानसभा, चान्हो, लापुंग, ठाकुरगांव, मैक्लुस्कीगंज, बुण्डू, राहे, बी.आई.टी. मेसरा, पण्डरा ओ०पी०, पिठौरिया, सिल्ली, खरसीदाग ओ०पी०, दलादली टी०ओ०पी०, सिकिदिरी, मुरी ओ०पी०, तुपुदाना ओ०पी०, ईटकी, तमाड़, बुढ़मू, खलारी, अनगड़ा, नरकोपी और बेड़ो थाना शामिल हैं। महिलाओं से जुड़े घरेलू उत्पीड़न, सुरक्षा और अन्य संवेदनशील मामलों के लिए रांची महिला थाना एवं बुण्डू महिला थाना में विशेष सुनवाई की व्यवस्था की गई है।
माण्डर थाना में नहीं होगा कार्यक्रम
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ऐतिहासिक मुड़मा मेला में सुरक्षा और विधि-व्यवस्था की दृष्टि से बड़े पैमाने पर पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति की गई है। इस प्रशासनिक व्यस्तता के मद्देनजर केवल माण्डर थाना में 28 अक्टूबर को यह कार्यक्रम आयोजित नहीं किया जा सकेगा। रांची पुलिस की यह पहल निश्चित तौर पर जमीनी स्तर पर जनता में सुरक्षा की भावना सुदृढ़ करने, पुलिसिंग को मानवीय चेहरा देने और लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे में मील का पत्थर साबित होगी।





