Patna: बिहार में जन कल्याण के लिए लागू की गई शराबबंदी को सफल बनाने में सरकार लगातार कार्यरत है। राज्य के सड़क-बॉर्डर व गली-गली में शराबबंदी अभियान के तहत निरंतर छापेमारी जारी है। इसी कड़ी में अक्टूबर महीने में पुलिस व मद्य निषेध विभाग को बड़ी सफलता हासिल हुई है। इस महीने में 70,693 ठिकानों पर छापेमारी की गई है।
शराबबंदी मामले में 5,701 मामले दर्ज किए गए हैं, जिसमें शराब पीने के आरोप में कुल 4,553 लोगों को गिरफ्तार किया गया और 2,130 लोगों को तस्करी व अन्य जुर्म में गिरफ्तार किया गया है। राज्य में इन दिनों लगातार छापेमारी जारी है और शहर-गांव या कस्बों में छोटे-बड़े सभी शराब तस्करों पर शिकंजा कसा जा रहा है।
रिकॉर्डतोड़ अवैध शराब और वाहन जब्त
मद्य निषेध विभाग के आंकड़ों के मुताबिक एक महीने में रिकॉर्डतोड़ 3,52,594 लीटर अवैध शराब जब्त की गई है। वहीं, रोजाना औसतन 11,597 लीटर देशी-विदेशी शराब की जब्ती की गई। इसके अलावा नकली शराब की फैक्ट्रियों पर छापेमारी कर 4,624 लीटर स्प्रिट भी बरामद किया गया। राज्य के गांव या शहरों में अवैध तरीके से चल रही महुआ शराब पर भी नकेल कसते हुए करीब 18,28,729 लीटर शराब जब्त की गई। तस्करी के इस्तेमाल एवं ड्रिंक एंड ड्राइव मामले में करीब 725 वाहनों को मद्य निषेध विभाग द्वारा पकड़ा जा चुका है। डबल इंजन की सरकार के विजन के तहत पूर्ण शराबबंदी को लेकर मद्य निषेध विभाग द्वारा लगातार सघन कार्रवाई की जा रही है।
राज्यभर में नशामुक्ति अभियान का आगाज
राज्य में शराब और अन्य नशीलें पदार्थों के खिलाफ जन-जागरूकता फैलाने के लिए मुख्यमंत्री के आह्वान पर राज्यभर में एक महीने तक चलने वाले विशेष नशामुक्ति अभियान की शुरुआत हो चुकी है। इस अभियान के तहत समाज के हर वर्ग को नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जा रहा है।





