रांची/दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली से चोरी हुई एक महंगी महिंद्रा थार गाड़ी को झारखंड की राजधानी रांची से बरामद कर लिया गया है। आधुनिक जीपीएस ट्रैकिंग तकनीक और स्थानीय पुलिस की मुस्तैदी से यह सफलता हासिल हुई। दिल्ली से गायब हुई यह काले रंग की महिंद्रा थार (रजिस्ट्रेशन नंबर: DL 10CY 7177) को ट्रैक करते हुए दो युवक सीधे रांची के कांके इलाके में पहुंचे और पुलिस की मदद से इसे सुरक्षित कब्जे में ले लिया।
जीपीएस लोकेशन ने खोला रास्ता, दिल्ली से रांची तक पीछा
मिली जानकारी के मुताबिक, दिल्ली के अज्ञात इलाके से शातिर चोरों ने महिंद्रा थार को चोरी कर लिया था। चोरों को यह अंदेशा नहीं था कि गाड़ी के अंदर एक सुरक्षित और आधुनिक जीपीएस ट्रैकर सिस्टम इंस्टॉल किया गया है। जैसे ही वाहन गायब हुआ, उसकी डिजिटल लोकेशन पर लगातार नजर रखी जाने लगी। गाड़ी की मूवमेंट लगातार सैकड़ों किलोमीटर दूर झारखंड की दिशा में दिखाई दे रही थी।
इस तकनीकी सुराग के आधार पर दो युवक लगातार जीपीएस सिग्नल को फॉलो करते हुए रांची आ पहुंचे। सिग्नल कांके थाना क्षेत्र की एक लोकेशन की ओर इशारा कर रहा था। युवकों ने बिना किसी देरी के सीधे रांची के वरीय अधिकारियों और कांके थाना पुलिस से संपर्क साधा और पूरी घटना की जानकारी दी।
कांके पुलिस ने तुरंत घेराबंदी कर थार को किया जब्त
मामले की गंभीरता और अंतरराज्यीय वाहन चोरी की आशंका को देखते हुए रांची पुलिस तुरंत हरकत में आई। कांके थाना पुलिस की एक विशेष टीम ने युवकों के साथ मिलकर बताए गए स्थान पर सटीक दबिश दी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए कांके इलाके से संदिग्ध स्थिति में खड़ी उस थार गाड़ी को बरामद कर लिया। पुलिस की इस तेज कार्रवाई से गाड़ी को आगे कहीं अन्यत्र खपाने या छिपाने की साजिश नाकाम हो गई।
असली मालिक की पहचान और गिरोह का पर्दाफाश जल्द
इस पूरे मामले पर ग्रामीण एसपी ने पुष्टि करते हुए बताया कि दिल्ली से चोरी गई महिंद्रा थार को जीपीएस ट्रैकर सिस्टम और कांके पुलिस की संयुक्त कार्रवाई से सफलतापूर्वक खोज निकाला गया है। उन्होंने बताया कि वाहन को थाने लाकर सुरक्षित रख लिया गया है।
ग्रामीण एसपी ने आगे कहा कि पुलिस अब वाहन के आधिकारिक दस्तावेजों, चेसिस नंबर और इंजन नंबर के आधार पर असली मालिक का सत्यापन कर रही है। इसके साथ ही दिल्ली पुलिस से भी समन्वय स्थापित किया जा रहा है ताकि चोरी की दर्ज प्राथमिकी की पुष्टि की जा सके। पुलिस इस बात की भी गहराई से पड़ताल कर रही है कि दिल्ली से रांची तक गाड़ी को कौन लेकर आया और इस अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह के तार रांची में किन स्थानीय संपर्कों से जुड़े हैं। जांच पूरी होने और कानूनी औपचारिकताएं निभाने के बाद वाहन को उसके वास्तविक मालिक को विधिवत सौंप दिया जाएगा।




