Kolkata: पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में विजयादशमी की रात बदमाशों ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के एक सक्रिय कार्यकर्ता की पीट-पीटकर और गोली मारकर निर्मम हत्या कर दी। यह सनसनीखेज वारदात इंग्लिश बाजार पुलिस स्टेशन क्षेत्र अंतर्गत रामकेली इलाके में बुधवार देर रात उस समय हुई जब अधिकांश स्थानीय लोग मूर्ति विसर्जन के कार्यक्रमों में व्यस्त थे। मृतक की पहचान समीर घोष के रूप में की गई है। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में भारी तनाव का माहौल बना हुआ है।
विसर्जन के दौरान घर में घुसे बदमाश, पास से मारी गोली
पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमलावरों का एक समूह बुधवार देर रात समीर घोष के आवास में जबरन दाखिल हुआ। उस समय समीर घर पर अकेले मौजूद थे। बदमाशों ने पहले धारदार हथियारों और लाठी-डंडों से उन पर ताबड़तोड़ हमला कर उन्हें बुरी तरह घायल किया। इसके बाद मौत सुनिश्चित करने के लिए उन पर बेहद करीब से गोली दाग दी गई, जिससे उनकी मौके पर ही दम घुटने और खून बहने से मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। पुलिस ने मामले के संबंध में एक संदिग्ध को हिरासत में लिया है, जिससे पूछताछ जारी है।
परिजनों का टीएमसी पर सीधा आरोप, लंबे समय से मिल रही थीं धमकियां
मृतक समीर घोष के परिजनों ने इस जघन्य हत्याकांड का सीधा आरोप सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) से जुड़े स्थानीय असामाजिक तत्वों पर लगाया है। मृतक के भाई ने आरोप लगाया कि समीर भाजपा से सक्रिय रूप से जुड़े हुए थे और इसी राजनीतिक रंजिश के चलते उन्हें लंबे समय से जान से मारने और इलाका छोड़ने की लगातार धमकियां दी जा रही थीं। परिवार का दावा है कि विसर्जन के शोर और समीर के अकेले होने का फायदा उठाकर सुनियोजित षड्यंत्र के तहत इस वारदात को अंजाम दिया गया। हालांकि, स्थानीय तृणमूल कांग्रेस नेतृत्व ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे आपसी विवाद का परिणाम बताया है।





