फॉण्ट कनवर्टर NEW

पापांकुशा एकादशी पर तिरुपति बालाजी मंदिर में होगी पूजा-अर्चना, जानें समय

राजधानी रांची के रातू रोड स्थित श्रीलक्ष्मी वेंकटेश्वर (तिरुपति बालाजी) मंदिर में पापांकुशा एकादशी के अवसर पर गुरुवार को विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी। इस दौरान मंदिर में वैदिक परंपराओं के अनुसार धार्मिक अनुष्ठान होंगे। इसके बाद श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए मंदिर के कपाट खोले

अपनी भाषा में पढ़ें

रांची : राजधानी रांची के रातू रोड स्थित श्रीलक्ष्मी वेंकटेश्वर (तिरुपति बालाजी) मंदिर में पापांकुशा एकादशी के अवसर पर गुरुवार को विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी। इस दौरान मंदिर में वैदिक परंपराओं के अनुसार धार्मिक अनुष्ठान होंगे। इसके बाद श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए मंदिर के कपाट खोले जाएंगे।

मंदिर की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, श्रद्धालु सुबह 7 बजे से दोपहर 12 बजे तक और शाम 4 बजे से शाम 7 बजे तक भगवान तिरुपति बालाजी के दर्शन और पूजा कर सकेंगे।

मंदिर में होंगे विशेष धार्मिक अनुष्ठान

पापांकुशा एकादशी पर मंदिर में सुबह वंदन, सुप्रभातम् और भगवान की नियमित पूजा की जाएगी। इसके बाद वैदिक विधि-विधान से अन्य धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होंगे।

यह मंदिर रातू रोड स्थित राणी सती मंदिर लेन में है। श्रद्धालु निर्धारित समय पर मंदिर पहुंचकर भगवान श्रीलक्ष्मी वेंकटेश्वर के दर्शन कर सकते हैं।

पापांकुशा एकादशी का धार्मिक महत्व

हिंदू धर्म में पापांकुशा एकादशी का विशेष महत्व है। यह व्रत आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को रखा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान विष्णु की पूजा और व्रत करने से पापों से मुक्ति और पुण्य की प्राप्ति होती है।

मान्यता है कि पापांकुशा एकादशी का व्रत रखने से भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं। साथ ही भगवान विष्णु की कृपा से सुख-समृद्धि और मोक्ष की प्राप्ति होती है।

भगवान विष्णु की पूजा का विशेष महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पापांकुशा एकादशी पर भगवान श्रीहरि विष्णु की पूजा करने से जीवन में सुख और शांति आती है। इस दिन व्रत रखने और भगवान की आराधना करने का विशेष महत्व बताया गया है।

मंदिर प्रबंधन ने श्रद्धालुओं से निर्धारित समय पर पहुंचकर भगवान तिरुपति बालाजी के दर्शन और पूजा-अर्चना का लाभ लेने की अपील की है।

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now
Facebook
X
Threads
WhatsApp
Telegram