पलामू : पुलिस संस्मरण दिवस के अवसर पर बुधवार (21 अक्टूबर) को पलामू पुलिस लाइन में श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान देश और राज्य के शहीद पुलिसकर्मियों को याद किया गया। कार्यक्रम में पलामू रेंज के डीआईजी किशोर कौशल और एसपी कपिल चौधरी ने शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी। साथ ही शहीदों के परिजनों को सम्मानित किया और उनकी समस्याएं सुनीं।
जानकारी के अनुसार, झारखंड राज्य बनने के बाद से पलामू में नक्सली हमलों के दौरान अब तक 25 जवान शहीद हो चुके हैं। वहीं, वर्ष 2025-26 के दौरान देशभर में 154 पुलिसकर्मी शहीद हुए हैं। इनमें झारखंड के तीन जवान भी शामिल हैं, जिनमें एक सब-इंस्पेक्टर थे।
शहीद जवानों के परिवारों के साथ खड़ी है पुलिस : डीआईजी
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डीआईजी किशोर कौशल ने कहा कि झारखंड में नक्सलियों के खिलाफ लंबे समय तक लड़ाई चली है। इस दौरान कई पुलिस जवानों ने अपनी जान गंवाई है। उन्होंने कहा कि पुलिस एक परिवार की तरह है और शहीद जवानों के परिजनों के सुख-दुख में हमेशा उनके साथ खड़ी है।
डीआईजी ने कहा कि शहीद जवानों के परिवारों को सरकार की ओर से मिलने वाली सभी सहायता उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
शहीदों के परिजनों की सुनी गईं समस्याएं
कार्यक्रम के दौरान शहीद पुलिसकर्मियों के परिजनों को सम्मानित किया गया। इस दौरान परिजनों ने डीआईजी किशोर कौशल और एसपी कपिल चौधरी के सामने अपनी समस्याएं रखीं। अधिकारियों ने उनकी बातों को सुना और संबंधित पदाधिकारियों को समस्याओं के समाधान के निर्देश दिए।
इस मौके पर एसडीपीओ चिरंजीवी मंडल, राजेश कुमार यादव, सार्जेंट मेजर सुरेश राम और टाउन थाना प्रभारी ज्योतिलाल रजवार समेत कई पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।
हर साल 21 अक्टूबर को मनाया जाता है पुलिस संस्मरण दिवस
पुलिस संस्मरण दिवस हर साल 21 अक्टूबर को मनाया जाता है। वर्ष 1959 में भारत-चीन सीमा पर गश्त के दौरान चीनी सैनिकों के हमले में दस पुलिस जवान शहीद हो गए थे। उन्हीं वीर जवानों की याद में हर साल यह दिवस मनाया जाता है। इस दिन देशभर में शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी जाती है।




