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फ्रांस में हिंसा के बाद सख्ती, पेरिस समेत 5 शहरों में कर्फ्यू; 2,500 से ज्यादा गिरफ्तार

महंगाई और जीवन-यापन के बढ़ते खर्च के खिलाफ फ्रांस में प्रदर्शन हिंसक होने के बाद पेरिस समेत पांच शहरों में प्रतिबंध लगाए गए। हिंसा में 2,500 से अधिक लोग गिरफ्तार हुए और करीब 1,000 सुरक्षाकर्मी घायल हुए।

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Paris: फ्रांस में महंगाई और जीवन-यापन के बढ़ते खर्च के खिलाफ जारी प्रदर्शन हिंसक होने के बाद सरकार ने सख्ती बढ़ा दी है। पेरिस समेत पांच शहरों के कुछ इलाकों में रात के समय आवाजाही पर प्रतिबंध लगाया गया है। राजधानी में प्रसिद्ध लूव्र म्यूजियम के प्रवेश द्वार पर प्रदर्शनकारियों के बाधा डालने के बाद प्रशासन ने यह कदम उठाया। सरकार ने चेतावनी दी है कि हालात और बिगड़ने पर आपातकाल लगाने का विकल्प भी खुला है।

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पेरिस समेत पांच शहरों में रात का कर्फ्यू

सरकार के आदेश के मुताबिक, लिली समेत चार उत्तरी शहरों के कुछ इलाकों में सोमवार और मंगलवार की रात आठ बजे से सुबह छह बजे तक कर्फ्यू लागू रहेगा। वहीं, पेरिस के कुछ क्षेत्रों में सोमवार रात नौ बजे से विरोध प्रदर्शन पर भी रोक लगाई गई है।

प्रधानमंत्री सेबास्टियन लेकोर्नू ने कहा कि सरकार स्थिति सामान्य करने के लिए पूरी तरह तैयार है। गृह मंत्री लॉरेंट नुनेज के अनुसार, हिंसा के दौरान पुलिस को हालात नियंत्रित करने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।

महंगाई और बढ़ते खर्च के खिलाफ सड़कों पर उतरे लोग

फ्रांस में शनिवार को करीब पांच लाख लोगों ने महंगाई, आवास और रोजमर्रा की जरूरतों पर बढ़ते खर्च के विरोध में प्रदर्शन किया था। बीते चार सप्ताह से जारी इस आंदोलन की शुरुआत छात्रों ने स्कूलों में बेहतर सुविधाओं की मांग के साथ की थी। बाद में कई जगहों पर प्रदर्शन हिंसक हो गए।

नकाबपोश प्रदर्शनकारियों पर पुलिसकर्मियों पर हमले करने, सरकारी इमारतों में तोड़फोड़ करने और दुकानों में लूटपाट करने के आरोप हैं। कई स्थानों पर कारों, साइकिलों और स्कूटरों में भी आग लगा दी गई।

2,500 से ज्यादा गिरफ्तार, करीब 1,000 सुरक्षाकर्मी घायल

हिंसा के दौरान 2,500 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया, जबकि करीब 1,000 पुलिसकर्मी और सुरक्षाकर्मी घायल हुए। प्रदर्शनकारियों में भी कई लोग घायल हुए हैं।

शनिवार को पूरे देश में लगभग 60 हजार सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई थी। इसके बावजूद कई शहरों में हालात बिगड़ गए। राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भी सरकार की कार्रवाई में हुई कमियों को स्वीकार किया है।

ऑनलाइन मंचों से चोरी के सामान के विज्ञापन हटाने का निर्देश

हिंसा और लूटपाट के बीच फ्रांस की डिजिटल मंत्री ऐन ले हेनान्फ ने ऑनलाइन मंचों से चोरी के सामान की बिक्री से जुड़े विज्ञापन हटाने को कहा है।

छोटे कारोबारियों के मंत्री सर्ज पापिन के मुताबिक, देशभर में 3,000 से अधिक दुकानें प्रभावित हुई हैं। हिंसा और तोड़फोड़ से सैकड़ों मिलियन यूरो के नुकसान का अनुमान है।

कानून-व्यवस्था बहाल करना सरकार के सामने चुनौती

फ्रांस सरकार के सामने अब हिंसा पर काबू पाने और कानून-व्यवस्था बहाल करने के साथ-साथ महंगाई तथा बढ़ते जीवन-यापन खर्च को लेकर लोगों में पनपे असंतोष को शांत करने की चुनौती है। सरकार ने हालात बिगड़ने पर आपातकाल लगाने का विकल्प खुला रखा है।

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