Ranchi : नवरात्रि के पांचवें दिन मां दुर्गा के पांचवें स्वरूप मां स्कंदमाता की पूजा-अर्चना की जाती है। मां स्कंदमाता को भगवान कार्तिकेय की माता कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां स्कंदमाता की पूजा करने से भक्तों को सुख-समृद्धि, शांति और अच्छे स्वास्थ्य का आशीर्वाद मिलता है। इस दिन मां को केले का भोग लगाना विशेष रूप से शुभ माना जाता है।
सिंह पर सवार रहती हैं मां स्कंदमाता
मां स्कंदमाता का स्वरूप बेहद शांत और ममतामयी है। मां सिंह पर सवार रहती हैं और उनकी गोद में बाल कार्तिकेय विराजमान रहते हैं। कमल के आसन पर बैठने के कारण मां को पद्मासना देवी के नाम से भी जाना जाता है। मां का यह रूप ममता, प्रेम और शक्ति का प्रतीक माना जाता है।
पूजा करने से मिलती है सुख-समृद्धि
मान्यता है कि मां स्कंदमाता की विधि-विधान से पूजा करने से जीवन की परेशानियां दूर होती हैं और मन को शांति मिलती है। मां की आराधना संतान सुख और परिवार की खुशहाली के लिए भी की जाती है। इस दिन सफेद, ग्रे या पीले रंग के वस्त्र पहनना शुभ माना जाता है। भक्त मां को फल और मिठाई का भोग लगाकर परिवार की सुख-शांति और समृद्धि की कामना करते हैं।




