पटना : किशोरों से जुड़े लैंगिक अपराध और संवेदनशील मामलों में पुलिस अधिकारियों को अधिक सतर्कता और संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई करनी चाहिए। यह बात डीआईजी विशेष शाखा हरप्रीत कौर ने बुधवार को पुलिस मुख्यालय स्थित सरदार पटेल भवन में आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला में कही।
कार्यशाला का उद्देश्य पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को लैंगिक अपराध, किशोरों की सुरक्षा और ऐसे मामलों में प्रभावी पुलिस कार्रवाई की जानकारी देना था। इस दौरान किशोरों में लैंगिक असमानता, हिंसा, शोषण और अन्य जोखिमों से जुड़े मामलों पर चर्चा की गई।
कार्यशाला का उद्घाटन डीआईजी हरप्रीत कौर ने दीप जलाकर किया। इसका आयोजन चाणक्य राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय और यूएनएफपीए ने संयुक्त रूप से किया था। कार्यक्रम में किशोर-किशोरियों के प्रति संवेदनशील पुलिस कार्रवाई और लैंगिक दृष्टिकोण को समझने पर जोर दिया गया।
वक्ताओं ने किशोरों के अधिकार, संबंधित कानूनी प्रावधान, बालक-बालिकाओं के प्रति संवेदनशील व्यवहार और ऐसे मामलों में पुलिस की भूमिका के बारे में जानकारी दी। साथ ही फ्रंटलाइन स्तर पर काम करने वाले पुलिस अधिकारियों को व्यवहारिक जानकारी भी दी गई।
कार्यशाला में यूएनएफपीए के हेड ऑफ ऑफिस ख्वाजा सादत नूर, जेंडर रिसोर्स सेंटर की निदेशक आयुषी दुबे, डॉ. विजय कुमार विमल समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे। इसमें सभी जिलों के पुलिस उपाधीक्षक, विशेष अपराध शाखा के प्रभारी और चाइल्ड वेल्फेयर पुलिस ऑफिसर ने हिस्सा लिया।



