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यहां जमीन पर नहीं रहते लोग, पानी के ऊपर बसा है पूरा गांव

दक्षिण थाईलैंड की पंग नगा खाड़ी में स्थित को पन्याई गांव में सैकड़ों परिवार पानी के ऊपर खंभों पर बने घरों में रहते हैं। मछली पकड़ने के साथ पर्यटन भी अब यहां की अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा है।

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Bangkok, Thailand: दुनिया में कई ऐसी बस्तियां हैं, जिनकी भौगोलिक परिस्थितियां उन्हें बाकी जगहों से अलग बनाती हैं। थाईलैंड का को पन्याई गांव भी ऐसी ही एक अनोखी बस्ती है, जहां लोगों ने जमीन के बजाय पानी के ऊपर अपना घर और पूरा समुदाय बसाया है। दक्षिण थाईलैंड की पंग नगा खाड़ी के शांत और उथले पानी में चूना पत्थर की विशाल चट्टानों के बीच स्थित यह गांव दूर से देखने पर पानी के ऊपर बसा हुआ नजर आता है।

इस गांव में रहने वाले अधिकांश लोग लंबे समय से मछली पकड़ने और समुद्र से जुड़ी गतिविधियों पर निर्भर रहे हैं। यहां घर मजबूत खंभों के सहारे पानी के ऊपर बनाए गए हैं। गांव में 300 से ज्यादा परिवार रहते हैं और इसकी आबादी 1,500 से अधिक बताई जाती है।

पानी के ऊपर कैसे बसा पूरा गांव

करीब 200 साल पुराना है इतिहास

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, को पन्याई में रहने वाले लोगों की जड़ें इंडोनेशिया से जुड़ी हैं। करीब 200 साल पहले ये लोग समुद्र पार करके इस इलाके में पहुंचे थे।

उस समय थाईलैंड के कानून के तहत विदेशियों के लिए जमीन खरीदना आसान नहीं था। ऐसे में तोह बाबू और उनके साथियों ने जमीन पर बसने के बजाय समुद्र के ऊपर खंभों पर घर बनाने का रास्ता चुना।

धीरे-धीरे यह छोटा सा पड़ाव एक व्यवस्थित बस्ती में बदल गया। आज यहां लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों के लिए कई सुविधाएं मौजूद हैं।

स्कूल से मस्जिद तक मौजूद हैं सुविधाएं

को पन्याई में बच्चों की पढ़ाई के लिए स्कूल, मस्जिद, स्वास्थ्य केंद्र और दुकानें हैं। पर्यटकों के लिए रेस्तरां भी मौजूद हैं। यानी पानी के ऊपर बसी इस बस्ती में लोगों ने अपनी जरूरतों के मुताबिक एक पूरा सामुदायिक ढांचा तैयार कर लिया है।

पानी के बीच बना फुटबॉल मैदान

गांव का तैरता हुआ फुटबॉल मैदान भी यहां आने वाले पर्यटकों के लिए खास आकर्षण है। सीमित जगह के बीच पानी पर इसे तैयार करना इस बस्ती की रचनात्मकता को दिखाता है।

मछली पकड़ना आज भी आय का बड़ा आधार

को पन्याई की अर्थव्यवस्था में मछली पकड़ने का कारोबार अब भी महत्वपूर्ण है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार करीब 40 प्रतिशत लोग मछली पकड़ने से जुड़े हुए हैं।

वहीं, पर्यटन बढ़ने के साथ स्थानीय लोगों के लिए आय के नए रास्ते भी खुले हैं। करीब आधी आबादी पर्यटन से जुड़ी सेवाओं में काम करती है। रेस्तरां, दुकानें और अन्य पर्यटन गतिविधियां स्थानीय अर्थव्यवस्था का हिस्सा बन चुकी हैं।

परंपरा और आधुनिकता का साथ

पर्यटन और आधुनिक सुविधाओं के बढ़ते प्रभाव के बावजूद को पन्याई के लोगों ने अपनी पारंपरिक संस्कृति और जीवनशैली को काफी हद तक बनाए रखा है।

पानी के बीच खंभों पर खड़े घर, नावों की आवाजाही और समुद्र से जुड़ी रोजमर्रा की जिंदगी इस गांव को दुनिया की अनोखी बस्तियों में अलग पहचान देती है। यह बस्ती दिखाती है कि सीमित जमीन और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बीच भी कोई समुदाय अपनी जरूरतों के अनुसार जीवन का एक अलग ढांचा विकसित कर सकता है।

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