Ranchi: झारखंड में पिछले कुछ दिनों से जारी शुष्क मौसम और उमस के बाद अब एक बार फिर मौसम का मिजाज बदलने वाला है। मौसम विज्ञान केंद्र ने 5 अक्टूबर से 9 अक्टूबर के बीच राज्य के कई हिस्सों में गरज और चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और वज्रपात (आकाशीय बिजली) गिरने की आशंका को देखते हुए मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की गतिविधियां सुस्त पड़ने से बीते दो-तीन दिनों में राज्य में बारिश थम गई थी। आसमान साफ रहने के कारण दिन का तापमान बढ़ा, जिससे लोगों को तीखी धूप और उमस भरी गर्मी झेलनी पड़ी। इस मौसम बदलाव की मुख्य वजह प्रतिचक्रवाती परिसंचरण (Anti-cyclonic circulation) के प्रभाव में उत्तरी हवाओं का प्रवाह है, जो उत्तरी गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश और बिहार से होते हुए झारखंड के हिस्सों तक बना हुआ है।
तापमान के आंकड़ों की बात करें तो बीते 24 घंटों में संताल परगना का पाकुड़ जिला राज्य में सबसे गर्म रहा, जहां अधिकतम तापमान 35.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, लातेहार जिला सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान गिरकर 17.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
राजधानी रांची और आसपास के जिलों में शनिवार सुबह धूप खिली रही, जिससे दोपहर में उमस का अहसास हुआ। हालांकि, उत्तर-पश्चिमी हवाओं के असर से शाम होते-होते आंशिक बादल छाने लगे। रांची में अधिकतम तापमान 30.2 डिग्री और न्यूनतम 19.4 डिग्री सेल्सियस रहा। इसके अलावा जमशेदपुर में 34.8 डिग्री, डाल्टनगंज में 34 डिग्री, बोकारो में 34.1 डिग्री और चाईबासा में अधिकतम तापमान 34.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
मौसम विभाग ने सतर्कता बरतते हुए कहा है कि 5 अक्टूबर से बारिश और वज्रपात के कारण तापमान में 2 से 3 डिग्री तक की गिरावट आ सकती है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी। लेकिन वज्रपात के संभावित खतरे को देखते हुए बारिश व आंधी के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों के नीचे या बिजली के खंभों के पास न जाने की सलाह दी गई है।





