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घाघीडीह जेल में बंदियों के लिए नई सुविधाएं, पुरुष और महिला खंड में बना ओपन जिम

घाघीडीह सेंट्रल जेल में बंदियों के लिए कई नई सुविधाएं शुरू की गई हैं। पुरुष खंड में ओपन जिम बनाया गया है, ताकि बंदी नियमित रूप से व्यायाम कर फिट रह सकें। वहीं महिला खंड में भी ओपन जिम के साथ क्रेच की सुविधा शुरू

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जमशेदपुर: घाघीडीह सेंट्रल जेल में बंदियों के लिए कई नई सुविधाएं शुरू की गई हैं। पुरुष खंड में ओपन जिम बनाया गया है, ताकि बंदी नियमित रूप से व्यायाम कर फिट रह सकें। वहीं महिला खंड में भी ओपन जिम के साथ क्रेच की सुविधा शुरू की गई है। क्रेच में महिला बंदियों के साथ रह रहे छोटे बच्चों की देखभाल की जाएगी।

बंदियों के स्वास्थ्य पर जोर

जेल प्रशासन का उद्देश्य बंदियों को सजा के साथ सुधार और बेहतर जीवन की दिशा में आगे बढ़ने का मौका देना है। जेल आईजी सुदर्शन मंडल ने बताया कि ओपन जिम शुरू करने का मकसद बंदियों को नियमित व्यायाम की सुविधा देना है। इससे उनके शारीरिक स्वास्थ्य के साथ मानसिक स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा।

बच्चों के लिए क्रेच की सुविधा

महिला खंड में बच्चों के लिए क्रेच तैयार किया गया है। यहां बच्चों को सुरक्षित और बेहतर माहौल देने के साथ उनकी देखभाल की व्यवस्था की गई है। गांधी जयंती के दिन जमशेदपुर के डीसी रंजीव रंजन ने क्रेच का निरीक्षण किया और बच्चों व महिला बंदियों से बातचीत की। उन्होंने वहां मिल रही सुविधाओं की जानकारी भी ली।

बंदियों को हुनर सिखाने पर भी जोर

घाघीडीह जेल में बंदियों को कौशल विकास से जोड़ने के लिए कई उत्पादन इकाइयां भी चल रही हैं। इनमें प्रिंटिंग प्रेस, साबुन निर्माण और कपड़ा निर्माण जैसी इकाइयां शामिल हैं। बंदी इन इकाइयों में काम सीख रहे हैं और अपनी क्षमता के अनुसार काम कर रहे हैं।

गांधी जयंती के मौके पर अधिकारियों ने इन उत्पादन इकाइयों का भी निरीक्षण किया। जेल प्रशासन का कहना है कि ओपन जिम, क्रेच और कौशल विकास की सुविधाओं के जरिए बंदियों के स्वास्थ्य, हुनर और पुनर्वास पर ध्यान दिया जा रहा है।

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