Patna: गन्ने की खेती को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने, कृषि कार्यों में मानव श्रम की निर्भरता घटाने और उत्पादन लागत कम करने के उद्देश्य से बिहार सरकार के गन्ना उद्योग विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। विभाग द्वारा संचालित ‘गन्ना यंत्रीकरण योजना 2026–27’ के तहत यंत्र बैंक स्थापित करने के लिए किसान समूहों से प्राप्त आवेदनों का 30 सितंबर 2026 को पारदर्शी तरीके से रैंडमाइजेशन किया गया। इस प्रक्रिया के माध्यम से कुल 80 पात्र किसान समूहों का अंतिम रूप से चयन कर उन्हें यंत्र बैंक स्थापना हेतु परमिट जारी कर दिए गए हैं।
80 प्रतिशत तक सब्सिडी और ₹8 लाख तक का अनुदान
गन्ना उद्योग विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुसार, यंत्र बैंक की स्थापना करने वाले चयनित किसान समूहों को कृषि यंत्रों की खरीद पर 80 प्रतिशत तक का भारी अनुदान दिया जा रहा है। इसके तहत प्रति समूह अधिकतम ₹8.00 लाख तक की वित्तीय सहायता देय होगी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में आधुनिक यंत्रों का एक साझा बैंक तैयार करना है, जिससे छोटे और सीमांत किसान भी रियायती दरों पर आधुनिक मशीनों का उपयोग कर अपनी खेती की उत्पादकता बढ़ा सकें।
सुमेक पोर्टल पर पंजीकृत विक्रेताओं से खरीद जरूरी
परमिट हासिल करने वाले किसान समूह अपनी आवश्यकता और सुविधा के अनुसार अनुमोदित कृषि यंत्रों की खरीद सीधे ‘सुमेक’ (SUMEK) पोर्टल पर पंजीकृत अधिकृत विक्रेताओं से कर सकेंगे। विभागीय अनुदान का लाभ तय शर्तों और भौतिक सत्यापन के बाद सीधे प्रदान किया जाएगा। किसान समूह योजना से संबंधित विस्तृत नियम, स्वीकृत यंत्रों की सूची और विक्रेता विवरण के लिए विभागीय पोर्टल sugarcanemech.bihar.gov.in या केन केयर पोर्टल ccs.bihar.gov.in पर जाकर पूरी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
30 अक्टूबर तक खरीदारी अनिवार्य, वरना रद्द होगा परमिट
गन्ना उद्योग विभाग ने सभी 80 परमिट धारक किसान समूहों से अपील की है कि वे 30 अक्टूबर 2026 तक स्वीकृत कृषि यंत्रों की खरीद अनिवार्य रूप से पूरी कर लें। तय समय-सीमा के भीतर यंत्र नहीं खरीदे जाने पर जारी परमिट स्वतः निरस्त माना जाएगा और प्रतीक्षा सूची में शामिल अन्य समूहों को अवसर दिया जा सकता है। विभाग ने चयनित समूहों से यह भी आग्रह किया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में अन्य गन्ना उत्पादक किसानों को भी आधुनिक मशीनीकरण अपनाने के लिए प्रेरित करें।




