Ujjain: ऐतिहासिक शाही मस्जिद (Ujjain Shahi Masjid) के कुछ हिस्से को आंशिक रूप से हटाने के प्रस्ताव के विरोध में सोमवार सुबह उज्जैन की सड़कों पर भारी बवाल हो गया। सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत सड़क चौड़ी करने के इस कदम का विरोध कर रही भीड़ हिंसक हो गई और पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। जवाब में स्थिति पर काबू पाने के लिए सुरक्षा बलों को 18 से ज्यादा आंसू गैस के गोले दागने पड़े। इलाके में तनाव को देखते हुए करीब 2,000 पुलिसकर्मियों के साथ रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और भारी अर्थ-मूविंग मशीनें तैनात कर दी गई हैं।
सड़क चौड़ीकरण का विवाद और हाईकोर्ट का रुख

यह पूरा विवाद कंथल स्क्वायर से गोपाल मंदिर तक करीब 900 मीटर लंबे रास्ते को 15 मीटर चौड़ा करने के प्रोजेक्ट को लेकर है। प्रशासन का कहना है कि सिंहस्थ 2028 में करोड़ों श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए इस मार्ग को चौड़ा करना जरूरी है। रास्ते में आने वाले करीब 60 धार्मिक और अन्य ढांचों में से अधिकांश को पहले ही हटाया जा चुका है। हालांकि, करीब 1390 ईस्वी की बताई जा रही ऐतिहासिक शाही मस्जिद के प्रार्थना कक्ष, एक मीनार और खड़े हनुमान मंदिर के पास स्थित मजार को हटाने का प्रस्ताव विरोध की मुख्य वजह बन गया। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने पहले ही जनहित और सुगम यातायात का हवाला देकर नगर निगम के नोटिस के खिलाफ दायर याचिकाओं को खारिज कर दिया था, जबकि मामले की अगली सुनवाई सोमवार को हाईकोर्ट की इंदौर पीठ में होनी थी।
शनिवार रात से जुटी भीड़, सुबह भड़की हिंसा
कार्रवाई की आशंका को देखते हुए मुस्लिम समुदाय के लोग शनिवार रात से ही मस्जिद परिसर और आसपास की सड़कों पर जुटने लगे थे। रविवार रात तक नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन का दौर चलता रहा। प्रशासन ने कंथल-गोपाल मंदिर मार्ग पर बैरिकेडिंग कर दी और ड्रोन कैमरों से निगरानी बढ़ा दी। सोमवार सुबह जब स्थिति नाजुक बनी हुई थी, तभी कुछ युवाओं ने अचानक पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को लगातार आंसू गैस के गोले चलाने पड़े।
ड्यूटी पर तैनात टीआई घायल, भारी बल तैनात
बवाल और धक्का-मुक्की के दौरान कानून-व्यवस्था संभाल रहीं क्राइम ब्रांच की टीआई पुष्पा पांचाल घायल हो गईं। पुलिस के अनुसार, प्रदर्शनकारी महिलाओं को सुरक्षित हटाने के दौरान खुद को चादर की आड़ में छिपा रहे एक समूह के पास पहुंचने पर चादर के तीखे कोने से टीआई के हाथ में कट लग गया। उन्हें तुरंत मौके पर प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस ने साफ किया कि विरोध कर रही महिलाओं में से कोई भी घायल नहीं हुई है। प्रशासन का कहना है कि यह पूरी कार्रवाई कानूनी नियमों और बुनियादी ढांचे के विकास के तहत की जा रही है, जबकि मस्जिद परिसर के आसपास भारी पुलिस बल की तैनाती लगातार बनी हुई है।




