रांची : डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (DSPMU) का तीसरा दीक्षांत समारोह गुरुवार को मोरहाबादी स्थित रांची विश्वविद्यालय के दीक्षांत मंडप में आयोजित हुआ। समारोह में राज्यपाल सह कुलाधिपति संतोष कुमार गंगवार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने दीक्षांत समारोह की शोभायात्रा में भी हिस्सा लिया।
समारोह में विभिन्न पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों को डिग्री और मेडल प्रदान किए गए। कुल 6415 विद्यार्थियों को डिग्री मिली। इनमें 3065 छात्र और 3350 छात्राएं शामिल हैं। वहीं, बेहतर प्रदर्शन करने वाले 142 विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल दिया गया। इनमें 93 छात्राएं और 49 छात्र शामिल हैं। इसके अलावा 20 विद्यार्थियों को पीएचडी की डिग्री प्रदान की गई।
हड़िया पर शोध के लिए सुकन्या हेंब्रम को PhD
पीएचडी की डिग्री पाने वालों में सुकन्या हेंब्रम भी शामिल रहीं। उन्होंने झारखंड की पारंपरिक हड़िया पर शोध किया है। उनके शोध में हड़िया के सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व के साथ इससे जुड़ी पारंपरिक मान्यताओं का अध्ययन किया गया है।
डॉ. राकेश मोहन को मानद डी.लिट.
समारोह में प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य और रिजर्व बैंक के पूर्व डिप्टी गवर्नर डॉ. राकेश मोहन विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने दीक्षांत भाषण दिया। विश्वविद्यालय की ओर से पहली बार उन्हें मानद डी.लिट. की उपाधि प्रदान की गई। राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने उन्हें यह उपाधि दी।
राज्यपाल ने विद्यार्थियों को दिया संदेश
राज्यपाल ने कहा कि दीक्षांत समारोह केवल डिग्री लेने का अवसर नहीं है, बल्कि यह विद्यार्थियों की शैक्षणिक यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी शिक्षा और ज्ञान का उपयोग समाज और देश के विकास में करने की अपील की।
डॉ. राकेश मोहन ने भी विद्यार्थियों से अपनी शिक्षा को केवल व्यक्तिगत सफलता तक सीमित नहीं रखने और समाज के विकास में योगदान देने का आह्वान किया।
कुलपति प्रो. राजीव मनोहर के कार्यकाल का पहला दीक्षांत
यह कुलपति प्रो. राजीव मनोहर के कार्यकाल का पहला दीक्षांत समारोह रहा। समारोह को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की थीं। डिग्री और गोल्ड मेडल मिलने के बाद विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों में उत्साह का माहौल रहा।




