पटना : बिहार के 700 मॉडल स्कूलों के लिए एक-एक नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे। ये अधिकारी स्कूल को गोद लेकर वहां की पढ़ाई, आधारभूत सुविधाओं और शिक्षण व्यवस्था की निगरानी करेंगे। इस संबंध में सभी जिलों को पत्र जारी किया गया है।
शिक्षा विभाग के सचिव राजीव रौशन की अध्यक्षता में बुधवार को हुई ऑनलाइन बैठक में मॉडल स्कूलों की व्यवस्था और शैक्षणिक गुणवत्ता की समीक्षा की गई। अधिकारियों को 30 सितंबर को मॉडल स्कूलों का निरीक्षण करने का निर्देश दिया गया है। इस दौरान स्कूल की सुविधाओं, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए चल रही कोचिंग और पढ़ाई की व्यवस्था देखी जाएगी।
अधिकारियों की टीम स्कूलों का औचक निरीक्षण भी करेगी। कक्षाओं में जाकर यह देखा जाएगा कि बच्चे क्या सीख रहे हैं और पढ़ाने की प्रक्रिया कैसी है।
हर मंगलवार होगा टेस्ट
विद्यार्थियों की पढ़ाई की प्रगति जांचने के लिए हर मंगलवार विषयवार टेस्ट लिया जाएगा। कक्षा के बोर्ड पर ही प्रश्न लिखे जाएंगे और अलग से प्रश्नपत्र नहीं दिया जाएगा। एक महीने में चार विषयों का टेस्ट होगा। शिक्षक कॉपियों की जांच कर विद्यार्थियों को जरूरी फीडबैक देंगे।
विद्यार्थियों को मिलेगा नेतृत्व का मौका
हर कक्षा में बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को क्लास मॉनिटर बनाया जाएगा। मॉनिटर को बैज दिया जाएगा और हर महीने मॉनिटर बदलने का प्रयास किया जाएगा। सभी क्लास मॉनिटर मिलकर स्कूल मॉनिटर का चयन करेंगे।
शिक्षकों को मिलेगा प्रोत्साहन
मॉडल स्कूलों में ‘बेस्ट टीचर ऑफ द मंथ’ चुने जाने की पहल भी की जाएगी। बेहतर काम करने वाले शिक्षकों को बैज देकर प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके साथ ही कक्षा में शिक्षकों के मोबाइल फोन ले जाने पर रोक लगाने का निर्देश दिया गया है, ताकि उनका पूरा ध्यान पढ़ाई पर रहे।
खेलकूद पर भी जोर
मॉडल स्कूलों में खेल गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा। विद्यार्थियों के लिए दौड़, लंबी कूद और ऊंची कूद जैसी एथलेटिक्स प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी।




