फॉण्ट कनवर्टर NEW

मुख्यमंत्री उद्यमी योजना से मिली नई राह: 24 साल की नौकरी छोड़ शुरू किया कारोबार

पटना के अजय कुमार सिंह ने 24 वर्षों का कॉरपोरेट करियर छोड़कर मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के 10 लाख रुपये के सहयोग से ऑयल मिल शुरू की, जिसका सालाना टर्नओवर आज 25 लाख रुपये पहुंच चुका है।

अपनी भाषा में पढ़ें

Patna: बिहार सरकार द्वारा राज्य के शिक्षित युवाओं और अनुभवी पेशेवरों को स्वरोजगार से जोड़ने की मुहिम अब धरातल पर रंग ला रही है। रोजगार की तलाश में दूसरे राज्यों की ओर होने वाले पलायन को थामने और स्थानीय स्तर पर सूक्ष्म उद्योगों का जाल बिछाने के उद्देश्य से चलाई जा रही ‘बिहार मुख्यमंत्री उद्यमी योजना’ कई लोगों के जीवन में मील का पत्थर साबित हो रही है। इस योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को नया उद्यम स्थापित करने के लिए अधिकतम 10 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है, जिसमें 50 प्रतिशत तक का सरकारी अनुदान (सब्सिडी) शामिल है।

24 साल का कॉरपोरेट करियर छोड़ शुरू किया ‘अजय एंटरप्राइजेज’

अजय कुमार सिंह

पटना के एम.जी. नगर निवासी अजय कुमार सिंह ने निजी कंपनियों में 24 वर्षों के लंबे कार्य अनुभव के बाद उद्यमिता की राह चुनी। पटना स्थित एल.एन. मिश्र आर्थिक विकास एवं सामाजिक परिवर्तन संस्थान (LNMI) से पीएम एंड आईआर में पीजी डिप्लोमा धारक अजय ने उपभोक्ताओं के बीच शुद्ध, मिलावट-रहित और स्थानीय उत्पादों की बढ़ती मांग को पहचाना। उन्होंने 2 फरवरी 2023 को ‘अजय एंटरप्राइजेज’ की स्थापना की। सरकारी योजना से मिले 10 लाख रुपये के सहयोग से उन्होंने ऑयल मिल के साथ-साथ शुद्ध पीला सरसों तेल, सत्तू, बेसन, मिलेट्स, मसाले, चना दाल और साबुत अनाज के प्रसंस्करण का काम शुरू किया।

पेशेवर प्रशिक्षण और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से मिला विस्तार

शुरुआती दिनों में बाजार की सही समझ और व्यावसायिक मार्गदर्शन की कमी एक बड़ी चुनौती थी। इसके समाधान के लिए अजय ने स्थानीय जिला उद्योग केंद्र (DIC) से संपर्क साधा, जहां से उन्हें वित्तीय सहायता के साथ पेशेवर प्रशिक्षण भी मिला। उन्होंने ‘सर्टिफाइड फूड सेफ्टी सुपरवाइजर’ और ‘लीन बेसिक’ जैसे जरूरी प्रमाणपत्र हासिल किए ताकि गुणवत्ता से कोई समझौता न हो। स्थानीय ग्राहकों को बिना किसी अतिरिक्त डिलीवरी शुल्क के शुद्ध उत्पाद पहुंचाने के साथ-साथ उन्होंने अपने उत्पादों की ऑनलाइन बिक्री के लिए मीशो (Meesho) जैसे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से भी हाथ मिलाया। आज उनकी इकाई का वार्षिक टर्नओवर 25 लाख रुपये तक पहुंच चुका है।

स्थानीय किसानों से सीधी खरीद, रोजगार के नए अवसर

अजय के इस उपक्रम से 2 लोगों को प्रत्यक्ष और 4 लोगों को अप्रत्यक्ष रूप से नियमित आजीविका मिल रही है। इसके अलावा वे सरसों और दलहन का कच्चा माल बिचौलियों के बजाय सीधे स्थानीय किसानों से उचित मूल्य पर खरीदते हैं, जिससे आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों को भी आर्थिक संबल मिल रहा है। भविष्य की योजनाओं पर बात करते हुए अजय बताते हैं कि वे जल्द ही मूंगफली तेल (ग्राउंडनट ऑयल), प्रीमियम मसाले और पोषक मिलेट्स की एक नई उत्पाद श्रृंखला बाजार में उतारने जा रहे हैं। उनका यह सफर बताता है कि सही नीति और सरकारी प्रोत्साहन से स्थानीय स्तर पर भी आत्मनिर्भरता की मजबूत नींव रखी जा सकती है।

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now
Facebook
X
Threads
WhatsApp
Telegram