Vaishali: बिहार में बाढ़ और प्राकृतिक आपदा के बीच राहत और बचाव कार्यों के जरिए प्रभावित परिवारों तक बुनियादी मदद पहुंचाने का सिलसिला जारी है। राज्य सरकार ने प्रभावित परिवारों को तात्कालिक सहायता के तौर पर प्रति परिवार ₹7,000 की राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से सीधे बैंक खातों में भेज दी है। इसके साथ ही एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और जिला प्रशासन की टीमें ग्राउंड जीरो पर भोजन, सुरक्षित आश्रय और मेडिकल कैंप के जरिए लोगों को जरूरी सुविधाएं मुहैया कराने में जुटी हैं।
पानी घटते ही तटबंधों पर कटाव का खतरा, जल संसाधन विभाग का हाई अलर्ट
कई क्षेत्रों में नदियों का जलस्तर तेजी से नीचे उतरने के साथ ही किनारों और तटबंधों पर भीषण कटाव का जोखिम बढ़ गया है। इसे देखते हुए जल संसाधन विभाग ने सभी संवेदनशील और अतिसंवेदनशील स्थलों पर हाई अलर्ट घोषित किया है। मैदानी इंजीनियरों और सुरक्षा दस्तों को तटबंधों पर 24 घंटे गश्त करने के निर्देश दिए गए हैं। संवेदनशील इलाकों में बालू की बोरियां डालकर स्लोप बनाने और अन्य फ्लड-फाइटिंग सामग्रियों से कटाव रोकने के काम चल रहे हैं। पटना स्थित सिंचाई भवन में सेंट्रल फ्लड कंट्रोल रूम को पूरी तरह सक्रिय कर दिया गया है, जहां टोल-फ्री नंबर 1800-3456-145 के जरिए आपात स्थिति की निगरानी की जा रही है।
राशन, पशु चारा और मेडिकल कैंप से संभले हालात
वैशाली जिले के राघोपुर और तेरसिया जैसे दियारा इलाकों में प्रशासन की ओर से सामुदायिक रसोई, प्लास्टिक शीट्स (पन्नी), तिरपाल और मवेशियों के लिए चारे की व्यवस्था की गई है। बीमारियों और जलजनित संक्रमणों को फैलने से रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रभावित बस्तियों में ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव और जरूरी दवाइयां बांट रही हैं। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि आवागमन के लिए सरकारी नावों और समय पर पहुंचे राशन ने सबसे मुश्किल दौर में राहत दी है।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लिया हालात का जायजा
किसानों की फसलों को हुए भारी नुकसान और मैदानी स्थिति की समीक्षा करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 16 सितंबर को बिहार के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया था। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और राज्य सरकार के मंत्रियों के साथ स्थिति का मुआयना करने के बाद उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार इस संकट में बिहार के साथ खड़ी है। फसलों और मकानों के नुकसान का अंतिम आकलन पूरा होने के बाद विस्तृत मुआवजा रिपोर्ट के आधार पर आगे की राहत राशि जारी की जाएगी।



