खूंटी। जिले के खूंटी, तोरपा, रनिया, कर्रा, मुरहू और अड़की प्रखंडों में रविवार को बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक आकलन परीक्षा (एफएलएनएटी) आयोजित की गई। परीक्षा में करीब 7350 नवसाक्षर महिला-पुरुष शामिल हुए।
इस परीक्षा का उद्देश्य निरक्षर लोगों को पढ़ने-लिखने और सामान्य गणना का ज्ञान देना है, ताकि वे शिक्षा की मुख्यधारा से जुड़ सकें और रोजमर्रा के कामों में आत्मनिर्भर बन सकें।
जिला शिक्षा अधीक्षक सुरेश महतो ने रविवार को कई परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने जीएमएस सिल्दा, जीएमएस जियारप्पा, जीएमएस चलागी और यूपीएस डोकड़ विद्यालय पहुंचकर परीक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने परीक्षा दे रहे महिला-पुरुषों से बातचीत भी की।
डीएसई ने शिक्षकों और कर्मचारियों को निर्धारित नियमों के अनुसार परीक्षा कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि निरक्षर महिला-पुरुषों को साक्षर बनाकर उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना जरूरी है।
परीक्षा के सफल संचालन में जिला और प्रखंड स्तर के शिक्षा विभाग के अधिकारियों, कर्मियों और संसाधन सेवियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।



