Patna: बिहार के पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग ने अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अति पिछड़ा वर्ग (EBC) के मछली पालकों के लिए विशेष घटक पैकेज योजना शुरू की है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के तहत शुरू की गई इस योजना में पात्र किसानों को तालाब निर्माण और अन्य सहायक इकाइयों के लिए 70 से 80 प्रतिशत तक की एकमुश्त सब्सिडी दी जाएगी। इच्छुक आवेदक विभागीय पोर्टल fisheries.bihar.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन जमा कर सकते हैं।
दो श्रेणियों में बंटी योजना, जानिए लागत और सब्सिडी
इस योजना को दो मुख्य घटकों में लागू किया गया है। पहला घटक ‘तालाब मात्स्यिकी विशेष सहायता योजना’ है, जो राज्य के सभी 38 जिलों के SC, ST और EBC वर्ग के लिए मान्य है। इसमें 10.10 लाख रुपये प्रति यूनिट लागत पर 70 प्रतिशत अनुदान मिलेगा। दूसरा घटक ‘पठारी क्षेत्र तालाब निर्माण योजना’ है, जिसे दक्षिण बिहार के 9 पठारी जिलों (बांका, औरंगाबाद, गया, कैमूर, नवादा, जमुई, मुंगेर, रोहतास और लखीसराय) के SC/ST किसानों के लिए लागू किया गया है। इसमें 16.70 लाख रुपये तक की लागत पर 80 प्रतिशत सब्सिडी का प्रावधान है। दोनों ही श्रेणियों के लिए न्यूनतम 0.4 एकड़ का जलक्षेत्र होना अनिवार्य है।
तालाब के साथ बोरिंग और सोलर पंप की भी सुविधा
योजना के तहत लाभार्थियों को केवल तालाब खुदाई ही नहीं, बल्कि बोरिंग पंपसेट, समरसेबल, ट्यूबवेल या सोलर पंपसेट लगाने, मत्स्य इनपुट, शेड निर्माण और यांत्रिक ऐरेटर जैसी जरूरी इकाइयों के लिए एकमुश्त ‘पैकेज सहायता’ दी जाएगी। आवेदन के लिए किसान के पास अपनी निजी जमीन या न्यूनतम 9 वर्षों की लीज वाली भूमि होनी चाहिए। आवेदन के साथ भू-स्वामित्व प्रमाण पत्र (एलपीसी) या अद्यतन रसीद, 1,000 रुपये के स्टांप पर लीज एग्रीमेंट, जाति प्रमाण पत्र, मत्स्य प्रशिक्षण प्रमाण पत्र, बैंक खाता विवरण, पहचान पत्र और जमीन का नक्शा स्व-अभिप्रमाणित कर अपलोड करना होगा।




