फॉण्ट कनवर्टर NEW

इसलिए गणेश भगवान को कहते हैं आदिपूज्य, जानें खास महत्व

इसलिए गणेश भगवान को कहते हैं आदिपूज्य; हिंदू शास्त्रों के अनुसार हर शुभ काम से पहले प्रथम पूज्य माने जाने वाले गणपति के विभिन्न नामों का पौराणिक रहस्य जानिए।
इसलिए गणेश भगवान को कहते हैं आदिपूज्य

अपनी भाषा में पढ़ें

Spiritual Adda: सनातन धर्म में पर्वों की शुरुआत के साथ ही हर जगह भगवान गणेश की आराधना की जाती है। भगवान गणेश जीवन की सभी बाधाओं और संकटों को दूर करते हैं, इसलिए उन्हें विघ्नहर्ता या विघ्ननाशक भी कहा जाता है। हिंदू परंपरा में उनका स्मरण करके ही किसी भी नए मांगलिक कार्य की शुरुआत की जाती है।

Read more: गणेश चतुर्थी 14 सितंबर को, बप्पा के स्वागत से पहले जान लें पूजा का सबसे शुभ मुहूर्त

भगवान शिव और माता पार्वती के पुत्र गणेश गणों के स्वामी हैं, जिस कारण उनका एक नाम गणपति भी है। हाथी जैसा सिर होने के कारण उन्हें गजानन कहा जाता है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार वे केतु के देवता हैं और संसार के समस्त साधनों के स्वामी श्री गणेश ही हैं। हिंदू शास्त्रों के अनुसार किसी भी कार्य के लिए उनका नाम सबसे पहले पूज्य माना गया है, इसलिए गणेश भगवान को कहते हैं आदिपूज्य। इसके अलावा भगवान गणेश की उपासना करने वाले संप्रदाय को गाणपतेय कहा जाता है।

एकदंत: परशुराम के फरसे का प्रहार

भगवान गणेश को उनके स्वरूप और लीलाओं के आधार पर कई नामों से जाना जाता है। पौराणिक मान्यता के अनुसार, भगवान परशुराम के फरसे के वार से गणेश जी का एक दांत टूट गया था। इस घटना के बाद से ही उन्हें ‘एकदंत’ के नाम से जाना जाने लगा।

लंबोदर और विनायक नाम का रहस्य

भगवान श्रीगणेश लंबे पेट वाले हैं और मान्यता है कि उनके उदर में संपूर्ण ब्रह्मांड समाया हुआ है, इसलिए उन्हें ‘लंबोदर’ कहा जाता है। वहीं, श्री गणेश को एक अत्यंत न्यायप्रिय देवता माना जाता है जो अपने भक्तों के साथ हमेशा न्याय करते हैं। इसी न्यायप्रिय स्वभाव के कारण उन्हें ‘विनायक’ नाम से भी पुकारा जाता है।

Read more: हरितालिका तीज और गणेश चतुर्थी का दुर्लभ संयोग, 14 सितंबर को एक साथ मनेगा पर्व

गजानन और विघ्ननाशक स्वरूप

कथाओं के अनुसार जब भगवान शंकर ने उनका सिर काट कर हाथी का मुख लगाया, तब से उन्हें ‘गजानन’ कहा गया। इसके साथ ही श्री गणेश प्रथम पूज्य देवता होने के साथ-साथ सभी प्रकार के विघ्नों और संकटों का पूरी तरह नाश करने वाले हैं। यही वजह है कि उनके भक्त उन्हें प्रेम और श्रद्धा से ‘विघ्नहर्ता’ या ‘विघ्ननाशक’ के नाम से पुकारते हैं।

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now
Facebook
X
Threads
WhatsApp
Telegram