रांची : राजधानी रांची के रिंग रोड स्थित ट्यूलिप अस्पताल पर चल रहा विवाद अब और गहरा गया है। मरीज और उनके परिजनों के साथ मारपीट के गंभीर आरोप में लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई झेल रहे अस्पताल प्रबंधन ने सिविल सर्जन द्वारा जारी शो-कॉज नोटिस का तय समय सीमा में जवाब नहीं दिया है। 24 घंटे का वक्त बीत जाने के बाद प्रबंधन ने स्वास्थ्य विभाग से अपना पक्ष रखने के लिए एक से दो दिन की अतिरिक्त मोहलत मांगी है, जिसके बाद ही प्रशासन आगे के कदम पर फैसला लेगा।
यह पूरा मामला अस्पताल में मरीजों और तीमारदारों के साथ हुए दुर्व्यवहार और मारपीट की जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद शुरू हुआ, जिसके आधार पर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए अस्पताल का लाइसेंस सस्पेंड कर दिया था। हालांकि, इस प्रशासनिक कार्रवाई पर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने कड़ी आपत्ति जताई है। डॉक्टरों के संगठन का तर्क है कि सीधे निलंबन का फैसला अनुचित है और कोई भी दंडात्मक कदम उठाने से पहले अस्पताल प्रबंधन को अपनी बात रखने का पूरा मौका मिलना चाहिए था।
वहीं, सिविल सर्जन कार्यालय ने प्रक्रियागत खामियों के आरोपों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि नियमानुसार प्रबंधन को कारण बताओ नोटिस भेजकर 24 घंटे का पर्याप्त समय दिया गया था। फिलहाल आईएमए या झासा (JHANSA) के किसी भी प्रतिनिधिमंडल ने इस मसले पर अधिकारियों से औपचारिक मुलाकात नहीं की है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि अस्पताल का लिखित स्पष्टीकरण आने के बाद ही लाइसेंस बहाली या आगे की सख्त कार्रवाई को लेकर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
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