Barabanki: उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में उस समय राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई, जब आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद चंद्रशेखर आजाद के काफिले पर गोंडा जाते वक्त बुढ़वल-रामनगर इलाके में पथराव किए जाने का गंभीर मामला सामने आया। इस हमले में लगभग एक दर्जन कार्यकर्ताओं के घायल होने का दावा किया गया है, जिनमें से एक की हालत गंभीर बताई जा रही है।
साथ ही, कई गाड़ियों में भी जमकर तोड़फोड़ की गई है। घटना की शिकायत दर्ज कराने जब चंद्रशेखर आजाद बाराबंकी पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे, तो रास्ते में पुलिसकर्मियों द्वारा रोके जाने और कथित बदतमीजी को लेकर विवाद और अधिक बढ़ गया। हालांकि, बाद में संबंधित पुलिसकर्मियों द्वारा अपर पुलिस अधीक्षक के समक्ष अपनी गलती पर खेद व्यक्त किए जाने की बात कही गई है।
दो तहरीरें दी गईं और सख्त कार्रवाई की मांग
इस पूरी घटना के संबंध में पुलिस को दो अलग-अलग तहरीरें दी गई हैं। पार्टी ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। सांसद चंद्रशेखर आजाद ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो उनकी पार्टी सड़क पर उतरकर बड़ा आंदोलन करेगी। उन्होंने यह भी गंभीर आरोप लगाया कि यह हमला पुलिस के इशारे पर एक सुनियोजित तरीके से कराया गया है।
विनोद हत्याकांड और सीबीआई जांच की मांग
इस दौरान चंद्रशेखर आजाद ने गोंडा के दलित विनोद हत्याकांड का मुद्दा भी जोर-शोर से उठाया और पूरे प्रकरण की सीबीआई जांच की मांग की है। उनके अनुसार, मृतक विनोद निषाद उनकी पार्टी से कैसरगंज लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने की इच्छा रखते थे और राजनीतिक रंजिश के चलते ही उनकी हत्या कराई गई है।
विनोद निषाद के परिजनों से मुलाकात करने जा रहे चंद्रशेखर आजाद को रोके जाने के बाद स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई और देर शाम तक भीम आर्मी के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय का घेराव कर जमकर नारेबाजी की। इस बड़े घटनाक्रम के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और पुलिस प्रशासन द्वारा मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।



