Chaibasa: पश्चिमी सिंहभूम जिला में करम पर्व के आयोजन को लेकर उरांव समाज बान टोला अखाड़ा में शनिवार को बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता उपमुखिया चमरू लकड़ा ने की। आदिवासी उरांव समाज संघ के निर्देश पर आयोजित बैठक में करम पर्व की तैयारियों, पूजा, जागरण और विसर्जन कार्यक्रम को लेकर विचार-विमर्श किया गया। इस दौरान पर्व को पारंपरिक रीति-रिवाज और विधि-विधान के साथ मनाने का निर्णय लिया गया।
बैठक में तय किया गया कि प्रत्येक वर्ष की परंपरा के अनुसार 17 सितंबर को जावा जागरण कार्यक्रम होगा। इसके बाद 21 सितंबर की रात करम पूजन जागरण का आयोजन किया जाएगा और 22 सितंबर को करम राजा की पूजा की जाएगी। 23 सितंबर को करम डाल का विसर्जन किया जाएगा। विसर्जन के अगले दिन रूनूझुनु (परना मंडी) कार्यक्रम आयोजित करने पर भी सहमति बनी।
मुखिया लालू कुजूर ने कहा कि करम पर्व उरांव समाज के प्रमुख पारंपरिक त्योहारों में से एक है। पर्व के दौरान युवक-युवतियां उपवास रखकर पूरे विधि-विधान और नेग-नियम के साथ करम राजा की पूजा करते हैं। अखाड़े में करम डाल स्थापित करने के बाद कर्मा और धर्मा दोनों भाइयों की कथा सुनाई जाती है। इसके बाद रातभर ढोल, नगाड़े और मांदल की थाप पर पारंपरिक नृत्य और गीत का दौर चलता है।
उन्होंने बताया कि करम विसर्जन के दिन उपवास रखने वाली युवतियां करम डाल लेकर पाहन पुजारी के घर जाएंगी। वहां से उनके सहयोगी पनभरवा के घर होते हुए पूरे मोहल्ले का भ्रमण किया जाएगा। इस दौरान पारंपरिक नाच-गान करते हुए करम डाल को रोरो नदी स्थित घसिया मंदिर के समीप ले जाया जाएगा, जहां विधि-विधान से विसर्जन किया जाएगा।
बैठक में दुर्गा कुजूर, शम्भू टोप्पो, खुदिया कुजूर, राजेन्द्र कच्छप, तेजो कच्छप, फागु खलखो, वार्ड पार्षद लक्ष्मी कच्छप, पुतुल खलखो, रमेश कुजूर, लखन टोप्पो, बिट्टू कच्छप, सुखलाल कुजूर, बिरसा लकड़ा, सुखदेव मिंज, संजय कुजूर, कृष्णा मुंडा, सुनील खलखो, उमेश कुजूर, कर्मा कुजूर, बंधन कुजूर, सूरज कुजूर, जगरनाथ टोप्पो, राजू कच्छप, शम्भू तिर्की, शिल्पा तिग्गा, पूनम तिग्गा, चंद्रमुखी कच्छप, रीना कच्छप, निशा तिर्की और मनीषा तिर्की समेत बड़ी संख्या में युवक-युवतियां उपस्थित रहे।




