Patna: बिहार के कई जिलों में बाढ़ के हालात के बीच राज्य सरकार ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिया है। आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, अब तक 33.88 लाख बाढ़ पीड़ितों को दो समय का भोजन उपलब्ध कराया जा चुका है। इसके लिए राज्य में 951 सामुदायिक रसोई संचालित की जा रही हैं।
43.64 लाख आबादी बाढ़ से प्रभावित
राज्य के 14 जिलों के 85 प्रखंडों की 527 ग्राम पंचायतों में करीब 43.64 लाख आबादी बाढ़ से प्रभावित हुई है। प्रभावित जिलों में पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया और अरवल शामिल हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में गंडक, कोसी, गंगा, पुनपुन, बागमती और घाघरा समेत कई प्रमुख नदियां कुछ स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।
15 राहत शिविरों में 11 हजार से ज्यादा लोग
आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक बाढ़ प्रभावित इलाकों में 15 राहत शिविर संचालित किए जा रहे हैं। इनमें 11,255 बाढ़ प्रभावित लोगों के रहने, भोजन और चिकित्सा की व्यवस्था की गई है। प्रभावित परिवारों के बीच करीब 2.57 लाख पॉलीथीन शीट और 40,600 ड्राई राशन पैकेट वितरित किए जा चुके हैं।
1,932 नावें और पशुओं के लिए चारा
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आवागमन की सुविधा बनाए रखने के लिए 1,932 नावों का परिचालन किया जा रहा है। वहीं, मवेशियों के लिए अब तक 6,692 क्विंटल पशुचारा वितरित किया गया है। आपदा से निपटने के लिए विभिन्न जिलों में SDRF की 27 और NDRF की 10 टीमें तैनात हैं।
गंडक-कोसी का जलस्राव फिलहाल स्थिर
आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, गंडक और कोसी का जलस्राव फिलहाल स्थिर बना हुआ है। मौसम केंद्र ने अगले दो दिनों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। बाढ़ की स्थिति को देखते हुए विभाग की ओर से लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि जरूरत के अनुसार राहत और बचाव कार्य को आगे बढ़ाया जा सके।



