फॉण्ट कनवर्टर NEW

5 साल से लापता बेटे का मिला सुराग, मां से हुआ भावुक पुनर्मिलन

Bokaro news: लगभग पांच वर्षों से अपने परिवार से बिछड़े 15 वर्षीय किशोर बैजुन किस्कू (परिवर्तित नाम) का आज उसकी मां से भावनात्मक पुनर्मिलन हुआ। बाल कल्याण समिति , बोकारो के आदेश एवं आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद किशोर को उसकी मां चांदनी मुर्मू

अपनी भाषा में पढ़ें

Bokaro news: लगभग पांच वर्षों से अपने परिवार से बिछड़े 15 वर्षीय किशोर बैजुन किस्कू (परिवर्तित नाम) का आज उसकी मां से भावनात्मक पुनर्मिलन हुआ। बाल कल्याण समिति , बोकारो के आदेश एवं आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद किशोर को उसकी मां चांदनी मुर्मू के सुपुर्द किया गया। बैजुन के पिता का नाम सूरज किस्कू है और उसका परिवार विश्वनाथ जिला, असम का रहने वाला है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, बाजुन मार्च 2021 में अपने घर से खेलने के लिए निकला था, लेकिन उस दिन शाम तक घर वापस नहीं लौटा। परिवार के सदस्यों ने पहले अपने स्तर पर उसकी काफी खोजबीन की। रिश्तेदारों, आसपास के क्षेत्रों तथा संभावित स्थानों पर तलाश की गई। परिवार द्वारा लगभग 5–6 महीने तक लगातार बच्चे की खोज की गई तथा उसके लापता होने की सूचना स्थानीय स्तर पर एवं थाना में भी दी गई। इसके बावजूद लंबे समय तक बाजुन के संबंध में कोई जानकारी प्राप्त नहीं हो सकी।

लगातार प्रयासों के बावजूद जब बाजुन का कोई सुराग नहीं मिला, तो परिवार के सामने निराशा की स्थिति उत्पन्न हो गई। हालांकि, उसकी मां ने अपने बेटे के वापस आने की उम्मीद कभी नहीं छोड़ी। उन्होंने बताया कि काफी समय तक खोजबीन करने के बाद उन्होंने यह सोचकर इंतजार किया कि “ईश्वर की इच्छा हुई तो मेरा बच्चा एक दिन जरूर वापस मिलेगा।”
बैजुन के परिवार की पहचान में CCI बोकारो, सहयोग विलेज की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। टीम ने लगातार काउंसलिंग एवं संवाद के माध्यम से किशोर से प्राप्त जानकारी के आधार पर उसके परिवार की खोज की।

विश्वनाथ जिला, असम के संबंधित अधिकारियों से निरंतर समन्वय एवं सत्यापन के बाद उसके घर और परिवार का पता लगाया जा सका।
परिवार की पहचान एवं सत्यापन के बाद CWC, DCPU, CCI सहयोग विलेज तथा संबंधित अधिकारियों के समन्वित प्रयास से बैजुन को उसकी मां से मिलाया गया। लगभग पांच वर्ष बाद बेटे को सकुशल देखकर मां की खुशी और भावुकता देखते ही बन रही थी। उन्होंने कहा, “ऐसा लग रहा है जैसे भगवान ने मेरे खोए हुए बच्चे को वापस भेज दिया है।” उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों एवं टीम के प्रति आभार व्यक्त किया। बेटे के घर लौटने से पूरे परिवार में खुशी का माहौल है।

*बाल कल्याण समिति , बोकारो की अध्यक्ष श्रीमती लीला देवी* ने कहा कि “बाल संरक्षण का उद्देश्य केवल संस्थागत देखभाल नहीं, बल्कि जहां संभव हो, बच्चों को उनके जैविक परिवार एवं सुरक्षित पारिवारिक वातावरण से जोड़ना हमारी प्राथमिकता है ।”
*जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी श्रीमती अनिता झा ने कहा,* “लगभग पांच साल बाद बाजुन का अपनी मां से मिलना बेहद खुशी और संतोष का विषय है। यह पुनर्मिलन सभी संबंधित लोगों के सामूहिक प्रयास का परिणाम है।”

बोकारो जिले में बच्चों को उनके परिवार आधारित देखभाल एवं सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से *यूनिसेफ–सीसीआर–एनयूएसआरएल* द्वारा बाल कल्याण समिति , जिला बाल संरक्षण इकाई एवं बाल देखरेख संस्था को तकनीकी सहयोग प्रदान किया जा रहा है। इसके अंतर्गत परिवार आधारित देखभाल को बढ़ावा देने, बच्चों की पहचान एवं ट्रैकिंग को मजबूत करने तथा परिवार से बिछड़े बच्चों को उनके परिवार से पुनः जोड़ने के लिए संबंधित हितधारकों की क्षमता एवं समन्वय को मजबूत किया जा रहा है।

तकनीकी सहयोग के माध्यम से यह प्रयास किया जा रहा है कि बच्चों के संरक्षण से जुड़े सभी तंत्र अधिक प्रभावी ढंग से कार्य करें और प्रत्येक बच्चे के लिए परिवार आधारित देखभाल, सुरक्षा, पुनर्वास एवं सर्वोत्तम हित को प्राथमिकता दी जा सके।

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now
Facebook
X
Threads
WhatsApp
Telegram