Patna: बिहारभूमि पोर्टल पर राजस्व सेवाओं के ऑनलाइन होने और विभागीय स्तर पर लगातार मॉनिटरिंग से मामलों के निष्पादन में तेजी आई है। राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा कि ऑनलाइन सेवाओं से आम लोगों को राजस्व संबंधी सुविधाएं आसानी से मिल रही हैं और मामलों के निपटारे में भी तेजी आई है। 7 अगस्त तक के आंकड़ों के अनुसार दाखिल-खारिज में 66.31 प्रतिशत और ई-मापी में 75.56 प्रतिशत मामलों का निष्पादन किया गया है।
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दाखिल-खारिज के 5.50 लाख से अधिक मामले निपटे
वित्तीय वर्ष 2026-27 में ऑनलाइन दाखिल-खारिज सेवा के तहत 6 लाख 97 हजार 862 आवेदन प्राप्त हुए हैं। पुराने लंबित मामलों को मिलाकर कुल करीब 8.30 लाख मामलों में से 5 लाख 50 हजार 426 मामलों का निष्पादन किया जा चुका है। वहीं, विभिन्न कारणों से 45,903 आवेदन अस्वीकृत किए गए हैं। इस तरह दाखिल-खारिज मामलों की निष्पादन दर 66.31 प्रतिशत रही है।
जमाबंदी सुधार में भी तेजी
डिजिटाइज्ड जमाबंदी से जुड़े परिमार्जन प्लस के तहत कुल 10 लाख 22 हजार 718 मामले दर्ज हुए। इनमें से 6 लाख 86 हजार 261 मामलों का निष्पादन हो चुका है। इसकी निष्पादन दर 67.10 प्रतिशत है। छूटी हुई जमाबंदी के तहत 3 लाख 92 हजार 341 मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें से 2 लाख 24 हजार 672 मामलों का निष्पादन किया गया है। इस श्रेणी में निष्पादन दर 57.26 प्रतिशत रही।
राजस्व महा-अभियान के 31.29% मामले निपटे
राजस्व महा-अभियान के तहत राज्यभर में 46 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं। विभाग की ओर से इन आवेदनों की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। आवेदनों की स्कैनिंग का काम लगभग पूरा हो चुका है। फिलहाल 13 हजार 663 मामले स्कैनिंग के लिए लंबित हैं, जबकि 6 लाख 37 हजार 108 मामले आवेदन स्तर पर लंबित हैं। महा-अभियान के तहत प्राप्त आवेदनों में से 31.29 प्रतिशत मामलों का निष्पादन किया जा चुका है।
ई-मापी में 75.56 प्रतिशत मामलों का निष्पादन
भूमि मापी के लिए ऑनलाइन सुविधा ई-मापी के जरिए भी बड़ी संख्या में मामलों का निपटारा किया जा रहा है। 7 अगस्त तक राज्यभर में 6 लाख 02 हजार 167 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 5 लाख 17 हजार 842 मामलों में भुगतान अनुरोध भेजा गया है। वहीं 3 लाख 98 हजार 284 मामलों में भुगतान की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इसके अलावा 3 लाख 74 हजार 882 मामलों में मापी की तिथि निर्धारित की गई है। 3 लाख से अधिक मामलों में स्वीकृत मापी रिपोर्ट आवेदकों को भेजी जा चुकी है। ई-मापी में कुल निष्पादन दर 75.56 प्रतिशत दर्ज की गई है।
ऑनलाइन व्यवस्था से बढ़ी पारदर्शिता
राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा कि ऑनलाइन व्यवस्था से लोगों को कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर लगाने से राहत मिली है। इससे राजस्व सेवाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही को भी बढ़ावा मिला है। उन्होंने अधिकारियों को लंबित मामलों के निष्पादन में और तेजी लाने तथा लोगों को समय पर राजस्व सेवाओं का लाभ उपलब्ध कराने पर विशेष जोर देने को कहा है।
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मंत्री और सचिव स्तर से लगातार मॉनिटरिंग
विभागीय मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल और सचिव जय सिंह के स्तर से राजस्व सेवाओं की लगातार समीक्षा की जा रही है। अधिकारियों को लंबित मामलों की नियमित समीक्षा कर प्राथमिकता के आधार पर उनका निष्पादन करने का निर्देश दिया गया है। विभाग का जोर राजस्व सेवाओं को और सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने पर है, ताकि आम नागरिकों को ऑनलाइन माध्यम से अधिकतम सुविधा मिल सके और उन्हें अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।





