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गांवों की बदलेगी तस्वीर? VB-G RAM G को लेकर बिहार में बड़ा अभियान

बिहार में VB-G RAM G के प्रभावी क्रियान्वयन और पंचायत स्तर पर जागरूकता के लिए पंच सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं, अभियान 15 अगस्त तक चलेगा।
VB-G RAM G बिहार

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Patna: बिहार में ग्रामीण विकास विभाग की ओर से VB-G RAM G को लेकर राज्यभर में पंच सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं। इन सम्मेलनों का उद्देश्य त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों और अधिकारियों को नई ग्रामीण रोजगार एवं विकास व्यवस्था की जानकारी देना है। राज्य स्तर पर यह जागरूकता अभियान 15 अगस्त तक सभी ग्राम पंचायतों में चलाया जाएगा।

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VB-G RAM G Act 1 जुलाई 2026 से देश के ग्रामीण क्षेत्रों में लागू हुआ है। इसके तहत पात्र ग्रामीण परिवारों को एक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों के मजदूरी रोजगार की वैधानिक गारंटी दी गई है।

पंचायतों में पंच सम्मेलन का आयोजन

ग्रामीण विकास विभाग के अनुसार, हाल में लखीसराय, मुजफ्फरपुर, कैमूर, कटिहार और सारण समेत कई जिलों में पंच सम्मेलनों का आयोजन किया गया। इनमें त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों, विशेषकर मुखिया, पंच और प्रशासनिक अधिकारियों ने हिस्सा लिया। इन सम्मेलनों के जरिए पंचायत प्रतिनिधियों को ग्रामीण विकास से जुड़े विभिन्न पहलुओं और नई व्यवस्था के बारे में जानकारी दी जा रही है।

15 अगस्त तक चलेगा जागरूकता अभियान

यह राज्यव्यापी अभियान 15 अगस्त तक बिहार की सभी ग्राम पंचायतों में आयोजित किया जाएगा। इसका उद्देश्य पंचायत स्तर पर योजना की जानकारी पहुंचाना और स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप विकास योजनाएं तैयार करने में प्रतिनिधियों और अधिकारियों को जानकारी देना है। ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री श्रवण कुमार के अनुसार, सम्मेलन में पुरानी मनरेगा व्यवस्था और 1 जुलाई 2026 से लागू VB-G RAM G के बीच के अंतर को समझाया जा रहा है।

125 दिनों की रोजगार गारंटी

मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि पहले मनरेगा के तहत प्रतिवर्ष 100 दिनों के रोजगार का प्रावधान था, जबकि VB-G RAM G में इसे बढ़ाकर 125 दिनों की गारंटीकृत रोजगार व्यवस्था की गई है। केंद्र सरकार के अनुसार, VB-G RAM G Act के तहत पात्र ग्रामीण परिवारों को एक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों के मजदूरी रोजगार की वैधानिक गारंटी दी गई है। मंत्री के अनुसार, योजना में समय पर डिजिटल भुगतान और बेरोजगारी भत्ते से जुड़े प्रावधान भी हैं।

चार प्रमुख क्षेत्रों पर विकास कार्य

मंत्री के अनुसार, नई व्यवस्था में विकास कार्यों को चार प्रमुख श्रेणियों में बांटा गया है। इनमें जल संरक्षण एवं प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, गांवों में टिकाऊ और मजबूत अवसंरचना निर्माण, आजीविका के लिए उत्पादक परिसंपत्तियों का निर्माण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना शामिल है। इसके अलावा जलवायु परिवर्तन के प्रभावों का मुकाबला करने और हरित विकास पर भी जोर दिया गया है।

तकनीक के जरिए पारदर्शिता पर जोर

ग्रामीण विकास विभाग के अनुसार, VB-G RAM G के क्रियान्वयन में डिजिटल तकनीक के इस्तेमाल पर जोर दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य प्रक्रिया को पारदर्शी और जवाबदेह बनाना है। मंत्री श्रवण कुमार के अनुसार, कार्यस्थलों पर बायोमेट्रिक और चेहरा सत्यापन, रियल-टाइम डिजिटल उपस्थिति और मॉनिटरिंग जैसी व्यवस्थाओं को शामिल किया गया है।

डिजिटल भुगतान और शिकायत निवारण

योजना में मजदूरी भुगतान की डिजिटल प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने पर जोर दिया गया है। इसके साथ ही शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए शिकायत निवारण तंत्र को मजबूत करने की बात कही गई है। ग्रामीण विकास विभाग का जोर पंचायतों को स्थानीय जरूरतों के आधार पर विकास योजनाएं तैयार करने के लिए सक्षम बनाने पर भी है।

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सशक्त पंचायत से विकसित बिहार का लक्ष्य

ग्रामीण विकास विभाग के अनुसार, पंच सम्मेलनों के जरिए पंचायत प्रतिनिधियों को नई योजना की जानकारी देने के साथ ग्रामीण विकास के विभिन्न पहलुओं से परिचित कराया जा रहा है। विभाग का लक्ष्य सशक्त पंचायतों के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाना है।

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