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मां के चेहरे पर लौटी मुस्कान, IGIMS में लेजर से बची बच्ची की आंखों की रोशनी

Patna: इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (IGIMS) में मरीजों को बेहतर और आधुनिक इलाज उपलब्ध कराने के लिए कई नई सुविधाओं की शुरुआत की गई है। इनमें आंखों के इलाज के लिए मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर, 20 बेड का क्लोज्ड इंटेंसिव केयर यूनिट, 16 बेड का नया

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Patna: इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (IGIMS) में मरीजों को बेहतर और आधुनिक इलाज उपलब्ध कराने के लिए कई नई सुविधाओं की शुरुआत की गई है। इनमें आंखों के इलाज के लिए मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर, 20 बेड का क्लोज्ड इंटेंसिव केयर यूनिट, 16 बेड का नया डायलिसिस सेंटर, सीसीटीवी कमांड सेंटर और हर्बल गार्डन शामिल हैं। इन सुविधाओं से गंभीर मरीजों के उपचार और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया गया है।

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प्री-मैच्योर बच्ची की लेजर से बची आंखों की रोशनी

दरभंगा की सपना कुमार अपनी प्री-मैच्योर नवजात बेटी के इलाज के लिए IGIMS पहुंची थीं। जन्म के बाद बच्ची को आंख और कान से जुड़ी समस्या थी। अस्पताल में करीब 17 दिन पहले इलाज शुरू हुआ और लेजर तकनीक की मदद से बच्ची की आंख का उपचार किया गया। सपना कुमार ने बताया कि अब उनकी बेटी स्वस्थ है और उसकी आंखों का सटीक इलाज संभव हो पाया है। उन्होंने इसके लिए स्वास्थ्य मंत्री और अस्पताल के चिकित्सकों का आभार जताया।

आंखों के इलाज के लिए 6 मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर

क्षेत्रीय चक्षु संस्थान में कुल 6 मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर तैयार किए गए हैं। इनमें विट्रो-रेटिना, कॉर्निया और कैटरेक्ट के लिए दो-दो ओटी तथा ग्लूकोमा और ऑकुलोप्लास्टी के लिए अलग सुविधाएं शामिल हैं। इन मॉड्यूलर ओटी में संक्रमण से बचाव पर विशेष ध्यान दिया गया है। परियोजना पर करीब 10.25 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। इसमें केंद्र सरकार की 60 प्रतिशत और राज्य सरकार की 40 प्रतिशत हिस्सेदारी है।

गंभीर मरीजों के लिए 20 बेड का नया ICU

IGIMS में 20 बेड का क्लोज्ड इंटेंसिव केयर यूनिट भी शुरू किया गया है। यहां गंभीर मेडिकल और सर्जिकल मरीजों को मल्टीडिसिप्लिनरी गहन चिकित्सा सुविधा मिलेगी। यह यूनिट खास तौर पर गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, नेफ्रोलॉजी और केंद्रीय तंत्रिका तंत्र से जुड़े गंभीर मरीजों के उपचार में उपयोगी होगी। मल्टीऑर्गन फेल्योर और जटिल श्वसन विफलता वाले मरीजों के लिए भी उन्नत जीवनरक्षक तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा।

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16 बेड का नया डायलिसिस सेंटर शुरू

आयुष कुमार, मरीज

नेफ्रोलॉजी विभाग में 16 बेड वाले नए डायलिसिस सेंटर का शुभारंभ किया गया है। इससे बढ़ते डायलिसिस मरीजों का बेहतर प्रबंधन हो सकेगा और मरीजों को लंबे इंतजार से राहत मिलने की उम्मीद है। इस सेंटर के भवन और मशीनों पर करीब 8 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। इसका निर्माण केंद्र और बिहार सरकार की वित्तीय सहायता से किया गया है।

24 घंटे निगरानी करेगा कमांड सेंटर

IGIMS परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों को एक केंद्रीय कंट्रोल रूम और कमांड सेंटर से जोड़ा गया है। यहां 24×7 निगरानी की व्यवस्था रहेगी। आपात स्थिति या संदिग्ध गतिविधि सामने आने पर तुरंत कार्रवाई की जा सकेगी। वीडियो रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखी जाएगी, जिससे जरूरत पड़ने पर घटनाओं की जांच और सत्यापन में मदद मिलेगी। इस व्यवस्था पर करीब 8.25 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।

मरीजों के लिए हर्बल गार्डन भी तैयार

अस्पताल परिसर में मरीजों और उनके परिजनों के लिए हर्बल गार्डन भी बनाया गया है। इसका उद्देश्य अस्पताल में हरित और सकारात्मक वातावरण उपलब्ध कराना है। गार्डन में अलग-अलग औषधीय पौधे लगाए गए हैं। इससे लोगों को इनके महत्व की जानकारी मिलने के साथ मरीजों और परिजनों को मानसिक सुकून देने वाला वातावरण भी मिल सकेगा।

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स्वास्थ्य मंत्री ने किया सुविधाओं का उद्घाटन

स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने IGIMS में इन नई सुविधाओं का उद्घाटन किया। इस मौके पर दीघा विधायक सह मुख्य सचेतक डॉ. संजीव चौरसिया और स्वास्थ्य विभाग के सचिव कुमार रवि सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

अरविंद कुमार, मरीज

मरीजों ने बताया इलाज का अनुभव

IGIMS में उपचार करा रहे मरीजों ने भी नई सुविधाओं और इलाज को लेकर अपना अनुभव साझा किया। बेगूसराय के आयुष कुमार ने बताया कि लंबे समय से पैरालिसिस की समस्या थी और निजी अस्पताल में इलाज पर काफी खर्च हो चुका था। IGIMS में जांच के बाद उनकी बीमारी की सही पहचान हो सकी और उपचार शुरू हुआ।

वहीं डायलिसिस करा रहे मरीज अरविंद कुमार और रोहतास के वीर कुमार ने भी अस्पताल में मिल रही सुविधा को राहत देने वाला बताया। उनका कहना है कि अब उन्हें डायलिसिस के लिए निजी अस्पतालों में ज्यादा खर्च नहीं करना पड़ रहा है।

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