रांची: राजधानी रांची के कांके प्रखंड से सरकारी अधिकारियों पर हमले और लूटपाट की एक गंभीर घटना सामने आई है। प्रखंड में पदस्थापित सहायक अभियंता (Assistant Engineer) विमलेन्दु शेखर ने कांके थाना प्रभारी को लिखित शिकायत सौंपकर वेंडर-सह-सामग्री आपूर्तिकर्ता सलमान अंसारी और उनके तीन सहयोगियों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की मांग की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना 4 अगस्त 2026 की दोपहर लगभग 12:45 बजे की है। सहायक अभियंता विमलेन्दु शेखर, बाढू पंचायत में 15वें वित्त आयोग मद से निर्मित पेवर ब्लॉक रोड की गुणवत्ता जांच, निरीक्षण और नियमानुसार जियो टैग करने के लिए कनिष्ठ अभियंता (Junior Engineer) शिल्पा लिंडा के साथ कार्यस्थल पर पहुंचे थे।
पीड़ित अभियंता का आरोप है कि कार्यस्थल पर पहुंचते ही वेंडर सलमान अंसारी अपने तीन साथियों के साथ अचानक आ धमका और गाली-गलौज करते हुए काम में बाधा डालने लगा। उसने चिल्लाते हुए कहा कि यहाँ कोई नापी या जांच नहीं होगी। जब सहायक अभियंता ने साथ में मौजूद महिला कर्मचारी का हवाला देते हुए गाली-गलौज करने से मना किया, तो आरोपी और उग्र हो गए।
आरोपियों ने सहायक अभियंता को धक्का देते हुए उनके हाथ से योजना का कच्चा मापी दस्तावेज छीन लिया और हाथापाई शुरू कर दी। इस दौरान हमलावरों ने उन्हें जमीन पर गिरा दिया और उनकी जेब से ₹2500 नगद, हाथ की शादी की अंगूठी तथा गले से सोने की चेन जबरन लूट ली। इतना ही नहीं, हमलावरों ने जान से मारने की धमकी देते हुए कहा कि “जल्दी यहाँ से भाग जाओ वरना जिंदा वापस नहीं जाओगे”।
बीच-बचाव करने आई महिला कनिष्ठ अभियंता शिल्पा लिंडा के साथ भी आरोपियों ने धक्का-मुक्की और अभद्र व्यवहार किया, जिससे वह सहम गईं। किसी तरह दोनों अधिकारियों ने वहां से भागकर अपनी जान बचाई। अंदरूनी चोटों और दर्द से बेहाल अधिकारियों ने दवा दुकान से दर्द निवारक दवा ली और प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) को पूरे मामले की सूचना दी। पीड़ित अधिकारी ने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ जान से मारने के प्रयास, लूट-पाट, सरकारी काम में बाधा और महिला कर्मी से बदसलूकी की गंभीर धाराओं के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की गुहार लगाई है।





