Patna: श्रावणी मेला 2026 के दौरान भगवान शिव के दर्शन और जलाभिषेक के लिए निकलने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को देखते हुए बिहार सरकार ने व्यापक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा व्यवस्था की है। राज्य स्वास्थ्य विभाग ने यात्रा मार्ग पर 102 समर्पित एंबुलेंस तैनात की हैं, ताकि किसी भी श्रद्धालु की तबीयत खराब होने पर तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
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हर वर्ष सावन माह में बिहार से 10 लाख से अधिक श्रद्धालु देवघर स्थित बाबाधाम, मुजफ्फरपुर के बाबा गरीबनाथ मंदिर और सोनपुर के हरिहरनाथ मंदिर में जलाभिषेक के लिए यात्रा करते हैं। खासकर सावन की सोमवारी पर श्रद्धालुओं की संख्या काफी अधिक रहती है। इसे देखते हुए प्रशासनिक व्यवस्था के साथ स्वास्थ्य सेवाओं को भी मजबूत किया गया है।
16 जिलों में मेडिकल कैंप, मुफ्त दवा की सुविधा
श्रावणी मेला के दौरान जमुई, बांका, भागलपुर, छपरा, वैशाली समेत कुल 16 जिलों में मेडिकल कैंप स्थापित किए गए हैं। इन कैंपों में श्रद्धालुओं के लिए चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ और आवश्यक दवाओं की निःशुल्क व्यवस्था की गई है, ताकि यात्रा के दौरान प्राथमिक उपचार तुरंत मिल सके।
श्रद्धालुओं ने की व्यवस्था की सराहना


श्रद्धालु सुरज ने बताया कि वह पहली सोमवारी पर 117 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर रहे हैं। उनके अनुसार यात्रा मार्ग पर पुलिस के साथ डॉक्टर, नर्स और दवाओं की उपलब्धता से यात्रा अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक बनी है।
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वहीं श्रद्धालु रोहित ने कहा कि अब महादेव की यात्रा पहले की तुलना में अधिक व्यवस्थित और प्रेरणादायक महसूस होती है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा तैनात अधिकारी और कर्मचारी लगातार श्रद्धालुओं की सहायता में लगे हुए हैं।
बांका बना श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र
श्रावणी मेला के दौरान बांका जिले में भी श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। ओढ़नी डैम के आसपास भगवान शिव, शिवलिंग और नंदी की आकर्षक प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। इसके अलावा बाबाधाम जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए निःशुल्क शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं, ताकि यात्रा अधिक सुगम और सुविधाजनक बन सके।




