Jamtara: सुजीत सिन्हा झारखंड के सबसे कुख्यात गैंगस्टरों में गिना जाता था। रविवार देर रात जामताड़ा जिले के टाउन थाना क्षेत्र स्थित कुसोई मोड़ के पास पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, उसे साहिबगंज मंडल कारा से धनबाद जेल शिफ्ट किया जा रहा था। इसी दौरान घटनाक्रम हिंसक हो गया और पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में उसकी मौत हो गई। घटना को लेकर पुलिस के विस्तृत आधिकारिक बयान का इंतजार है।
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जेल शिफ्टिंग के दौरान हुई मुठभेड़
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, सुजीत सिन्हा को सुरक्षा कारणों से साहिबगंज मंडल कारा से धनबाद जेल ले जाया जा रहा था। इसी दौरान जामताड़ा के कुसोई मोड़ के पास पुलिस और उसके बीच मुठभेड़ हुई। इस घटना में सुजीत सिन्हा की मौत हो गई। फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।
कैसे बना कोयलांचल का डॉन?
- सुजीत सिन्हा का नाम पहली बार टेंडर विवाद में दो भाइयों की हत्या के मामले के बाद सुर्खियों में आया। इसके बाद उसने अपराध की दुनिया में तेजी से अपना नेटवर्क खड़ा किया।
- शुरुआत पलामू क्षेत्र से हुई, लेकिन बाद में उसने अपना गैंग रांची, रामगढ़, बोकारो, धनबाद और पूरे कोयलांचल इलाके तक फैला लिया।
- पुलिस के अनुसार, उसका गिरोह रंगदारी वसूलने, ठेकेदारी में दखल देने और कारोबारियों को धमकाने के लिए कुख्यात था। जेल में रहने के दौरान भी उस पर गिरोह संचालित करने के आरोप लगते रहे।
- एक समय उसकी और गैंगस्टर अमन साहू की गहरी दोस्ती थी, लेकिन बाद में दोनों के बीच वर्चस्व की लड़ाई शुरू हो गई और वे एक-दूसरे के बड़े प्रतिद्वंद्वी बन गए।
किन-किन मामलों में दर्ज थे केस?
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, सुजीत सिन्हा के खिलाफ 60 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज थे। इनमें प्रमुख रूप से शामिल थे:
- हत्या
- हत्या का प्रयास
- रंगदारी
- फायरिंग
- आपराधिक साजिश
- आर्म्स एक्ट के मामले
- संगठित अपराध
- ठेकेदारों और कारोबारियों को धमकाने के आरोप
ये मामले मुख्य रूप से इन जिलों में दर्ज बताए जाते हैं:
- रांची
- रामगढ़
- धनबाद
- बोकारो
- हजारीबाग
- पलामू
- चतरा (कुछ मामलों में)
- अन्य कोयलांचल क्षेत्र के जिले
झारखंड का चर्चित गैंगस्टर था सुजीत सिन्हा
सुजीत सिन्हा का नेटवर्क रांची, रामगढ़, धनबाद, बोकारो और कोयलांचल क्षेत्र तक फैला हुआ बताया जाता था। उसके खिलाफ रंगदारी, हत्या, फायरिंग, आपराधिक साजिश और संगठित अपराध से जुड़े कई मामले दर्ज थे। पुलिस के अनुसार, जेल में रहते हुए भी उस पर गिरोह संचालित करने के आरोप लगते रहे थे। इसी वजह से उसे अलग-अलग जेलों में रखा जाता था।
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गिरोह के खिलाफ चल रहा था अभियान
पिछले कुछ वर्षों से झारखंड पुलिस सुजीत सिन्हा गिरोह के खिलाफ लगातार अभियान चला रही थी। पुलिस के अनुसार, गिरोह के कई सदस्य गिरफ्तार किए गए थे, जबकि कुछ पुलिस कार्रवाई के दौरान पकड़े या घायल हुए थे। पुलिस का दावा रहा है कि यह गिरोह रंगदारी और हथियारों के बल पर कारोबारियों और ठेकेदारों में दहशत फैलाता था। फिलहाल जामताड़ा पुलिस घटनास्थल की जांच कर रही है और मामले में विस्तृत आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।





