बगदाद/वाशिंगटन: मध्य पूर्व (मिडल ईस्ट) में जारी संघर्ष के बीच एक बेहद तनावपूर्ण सैन्य घटनाक्रम सामने आया है। अमेरिकी रक्षा विभाग के सेंट्रल कमान (CENTCOM) और सऊदी अरब की सेना ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए इराक में ईरान समर्थित सशस्त्र समूह पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्सेज (PMF) यानी ‘हशद अल-शाबी’ के कई ठिकानों पर सटीक हवाई हमले किए हैं। इस संयुक्त हमले में पीएमएफ के कम से कम आठ लड़ाकों की मौत हो गई है और चार अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
30 से अधिक ड्रोन हमलों के जवाब में हुई कार्रवाई
अमेरिकी रक्षा विभाग (CENTCOM) द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, यह एयरस्ट्राइक पिछले 72 घंटों के भीतर इराक की धरती से अमेरिका-विरोधी ठिकानों और सऊदी अरब के रियाद व पूर्वी प्रांत में स्थित प्रमुख तेल व ऊर्जा संयंत्रों पर किए गए 30 से अधिक ड्रोन हमलों के सीधे जवाब में की गई है।
सऊदी रक्षा मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि उन्होंने अपनी ऊर्जा अवसंरचना और संप्रभुता की रक्षा के लिए अमेरिकी सेना के साथ तालमेल बिठाकर यह लक्षित सैन्य कार्रवाई की है। हमलों में पूर्वी इराक और नीनवे प्रांत में स्थित लड़ाकों के हथियार डिपो, लॉजिस्टिक्स सेंटरों और कमान मुख्यालयों को निशाना बनाया गया।
इराक और PMF की तीखी प्रतिक्रिया
हमले के तुरंत बाद, पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्सेज (PMF) ने एक बयान जारी कर पुष्टि की कि उनके मुख्यालयों पर हवाई हमला किया गया है, जिसमें आठ सदस्यों की मौत हुई है। समूह ने इस कार्रवाई को खतरनाक रूप से तनाव बढ़ाने वाला और इराक की संप्रभुता तथा आधिकारिक सुरक्षा संस्थानों का गंभीर उल्लंघन करार दिया है।
वहीं, इराकी अधिकारियों ने इस स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की है। हालांकि, बगदाद ने पहले ही अपनी सुरक्षा एजेंसियों को यह निर्देश दिए थे कि इराकी क्षेत्र का उपयोग किसी भी पड़ोसी देश पर हमले के लिए न होने दिया जाए। इस बीच, ईरान ने सऊदी ऊर्जा ठिकानों पर हुए हमलों में अपनी किसी भी सीधी संलिप्तता से इनकार किया है।
अमेरिकी और सऊदी अरब के इस अभूतपूर्व संयुक्त सैन्य कदम के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को बेहद हाई अलर्ट पर रखा गया है, जिससे क्षेत्र में एक नए और बड़े संघर्ष की आशंका गहरा गई है।




