Riyadh, Saudi Arabia: कैस्पियन सागर में एक ईरानी व्यापारिक जहाज पर हमले के बाद ईरान और यूक्रेन के बीच तनाव बढ़ गया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, यूक्रेन ने जहाज को निशाना बनाने की बात कही है और दावा किया है कि इसका इस्तेमाल ईरान से रूस तक सैन्य सामान पहुंचाने में किया जा रहा था। वहीं, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने हमले के पीछे इजराइल का हाथ होने का आरोप लगाया और कहा कि इसका जवाब दिया जाएगा।
ईरान ने इजराइल से जुड़े अपने आरोप के समर्थन में कोई सार्वजनिक सबूत पेश नहीं किया है। दूसरी ओर यूक्रेन का कहना है कि उसने उन जहाजों को निशाना बनाया, जिनके जरिए रूस तक सैन्य सामग्री पहुंचाई जा रही थी।
जेलेंस्की ने जहाज को निशाना बनाने की कही बात
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेनी सेना ने कैस्पियन सागर में उन जहाजों को निशाना बनाया, जिनका इस्तेमाल ईरान से रूस तक सैन्य सामान पहुंचाने के लिए किया जा रहा था। इजराइल के एक चैनल की रिपोर्ट में दावा किया गया कि यूक्रेन के इजराइल स्थित राजदूत ने इन जहाजों के जरिए रूस को ईरानी हथियार भेजे जाने की बात कही थी। दावा था कि इन हथियारों का इस्तेमाल यूक्रेन युद्ध में किया जा सकता था।
यूक्रेन लंबे समय से रूस पर ईरान निर्मित ड्रोन इस्तेमाल करने का आरोप लगाता रहा है। ईरान का कहना है कि उसने रूस-यूक्रेन युद्ध में प्रत्यक्ष रूप से हस्तक्षेप नहीं किया है।
हमले में एक नाविक की मौत का दावा
ईरान के विदेश मंत्रालय ने हमले को दुश्मनाना और आपराधिक कार्रवाई बताया। मंत्रालय के मुताबिक, हमले के कारण जहाज में विस्फोट हुआ, जिसमें एक नाविक की मौत हो गई और कई लोग घायल हुए। घटना के बाद ईरान ने तेहरान में मौजूद यूक्रेन के चार्ज डी अफेयर्स को तलब कर आधिकारिक विरोध दर्ज कराया।
अराघची ने इजराइल पर लगाया आरोप
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने आरोप लगाया कि हमला इजराइल के इशारे पर किया गया। हालांकि ईरान ने इस दावे के समर्थन में कोई सार्वजनिक प्रमाण पेश नहीं किया है। अराघची ने एक्स पर कहा कि यूक्रेन ने एक ईरानी व्यापारिक जहाज पर हमला कर संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसका उद्देश्य इजराइल के हितों को आगे बढ़ाना और यूरोप को क्षेत्रीय संघर्ष में खींचना है। अराघची के मुताबिक, उन्होंने यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काया कैलास और रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से फोन पर बात की। उन्होंने कहा कि ईरान इस हमले को बिना जवाब दिए नहीं छोड़ेगा।
रूस ने जताया शोक, चालक दल को मिली मदद
रूस के विदेश मंत्रालय के मुताबिक, सर्गेई लावरोव ने घटना पर ईरान के प्रति संवेदना व्यक्त की और मृत नाविक के परिवार के प्रति शोक जताया। ईरानी विदेश मंत्री ने रूस के अस्त्राखान क्षेत्र के स्थानीय प्रशासन का भी धन्यवाद किया, जिसने हमले के बाद जहाज के चालक दल की मदद की। रूस के अनुसार, दोनों विदेश मंत्रियों के बीच मिडिल ईस्ट की मौजूदा स्थिति पर भी चर्चा हुई। यूक्रेन ने रूस पर ईरानी ड्रोन इस्तेमाल करने के अलावा ईरान को उपग्रह आधारित निगरानी संबंधी मदद देने के भी आरोप लगाए हैं। वहीं, यूक्रेन द्वारा अमेरिका को ईरानी स्पीड बोट्स से निपटने के लिए तैयार बोट ड्रोन का फॉर्मूला देने की बात भी मूल रिपोर्ट में कही गई है।
कैस्पियन सागर की घटना के बाद ईरान और यूक्रेन के बीच तनाव बढ़ गया है। ईरानी विदेश मंत्री ने जवाब देने की बात कही है, लेकिन आगे ईरान क्या कदम उठाएगा, इसे लेकर अभी कोई जानकारी नहीं दी गई है।




