Jamshedpur news: आनंद मार्ग प्रचारक संघ की ओर से जोजोबेड़ा स्थित राजकीय हरिजन मध्य विद्यालय में “विद्यार्थी जीवन में चित्त का महत्व” विषय पर एक प्रेरक व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस अवसर पर आनंद मार्ग के वरिष्ठ कार्यकर्ता सुनील आनंद ने विद्यार्थियों को नैतिकता, अध्यात्म और सकारात्मक जीवन मूल्यों का महत्व समझाते हुए कहा कि व्यक्ति के विचार ही उसके चरित्र और भविष्य का निर्माण करते हैं। उन्होंने कहा कि जो बातें मन में बार-बार आती हैं, वे चित्त में संस्कार के रूप में अंकित हो जाती हैं और वही आगे चलकर व्यवहार का आधार बनती हैं।
सुनील आनंद ने कहा कि विद्यार्थियों का चित्त कोरे कागज की तरह होता है, इसलिए उसमें अच्छे विचार, नैतिक शिक्षा और जीवनोपयोगी ज्ञान का समावेश करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने शिक्षकों और अभिभावकों से बच्चों को हिंसा, अश्लीलता और नकारात्मक प्रभावों से दूर रखते हुए प्रेरणादायक साहित्य, अच्छे संस्कार और सकारात्मक वातावरण उपलब्ध कराने की अपील की। उनका कहना था कि अनुशासन, सत्संग, नियमित अध्ययन और सेवा भावना से चित्त शुद्ध एवं मजबूत बनता है, जबकि गलत संगति और नकारात्मक सामग्री व्यक्ति के मानसिक विकास को प्रभावित करती है।
उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि नियमित आध्यात्मिक योग साधना मन को शांत, एकाग्र और संतुलित बनाती है। यदि युवा पीढ़ी नैतिक मूल्यों, आध्यात्मिक चेतना और सेवा के मार्ग पर आगे बढ़ेगी, तो समाज में अपराध, हिंसा और अनैतिकता जैसी समस्याओं में भी कमी आएगी। उन्होंने सभी छात्रों से पढ़ाई के साथ-साथ नैतिक जीवन और आध्यात्मिक साधना को भी अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।



