अपनी भाषा चुनेें :
बटन दबाकर थोड़ा इंतज़ार करें...
Ankara, Türkiye: पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) एक बार फिर किसी बड़े और विनाशकारी युद्ध के मुहाने पर खड़ा नजर आ रहा है। तुर्की की राजधानी अंकारा में आयोजित नाटो (NATO) शिखर सम्मेलन के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पत्रकारों के तीखे सवालों का जवाब देते हुए स्पष्ट कर दिया है कि उनके मुताबिक ईरान के साथ हुआ समझौता ज्ञापन (MoU) अब पूरी तरह से खत्म हो चुका है। कुछ सप्ताह पहले तक ईरान के शीर्ष नेतृत्व को लेकर अपेक्षाकृत थोड़ा नरम और कूटनीतिक रुख रखने वाले राष्ट्रपति ट्रंप ने इस बार तेहरान प्रशासन के खिलाफ बेहद कड़े और आक्रामक शब्दों का इस्तेमाल किया है।
Read more: अमेरिका और इटली के रिश्तों में आई गर्माहट; मेलोनी ने ट्रंप को बताया अच्छा मित्र
ट्रंप की दोटूक
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरानी नेतृत्व पर तीखा हमला बोलते हुए कहा, “उनमें कुछ गंभीर गड़बड़ है। वे बीमार हैं और लगातार एक गंदा खेल खेल रहे हैं।” हालांकि, ट्रंप ने यह भी जोड़ा कि वे वर्तमान परिस्थितियों में भी अपने राजनयिकों और वार्ताकारों को बातचीत की टेबल पर बने रहने की अनुमति दे सकते हैं, लेकिन उन्हें व्यक्तिगत रूप से ऐसा लगता है कि ईरान के लोग बातचीत के नाम पर केवल समय बर्बाद कर रहे हैं। ट्रंप का यह बेहद आक्रामक बयान यूएस सेंट्रल कमांड (CENTCOM) और ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के बीच सीमा पर बने तनावपूर्ण माहौल के बीच सामने आया है।
खाड़ी देशों में आक्रामकता
इस वैश्विक संकट के बीच संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के वरिष्ठ राजनयिक और राष्ट्रपति के राजनयिक सलाहकार अनवर गर्गश ने भी ईरान की घेराबंदी की है। उन्होंने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर लिखा कि रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज स्ट्रेट में कतर और सऊदी अरब के कमर्शियल टैंकरों पर ईरान के लगातार होते हमले और बहरीन व कुवैत के खिलाफ उसकी बार-बार की आक्रामकता यह साफ दर्शाती है कि तेहरान क्षेत्र में शांति स्थापित करने और “युद्ध का अध्याय समाप्त करने” की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने में पूरी तरह असमर्थ रहा है।
हमलों से हाहाकार
कूटनीतिक मोर्चे पर जारी इस रस्साकशी के बीच जमीनी स्तर पर भी दोनों सेनाएं आमने-सामने आ गई हैं। बुधवार को यूएस सेंटकॉम (US CENTCOM) ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि अमेरिकी वायुसेना ने ईरान के 80 सामरिक सैन्य ठिकानों को सफलतापूर्वक निशाना बनाया है, जिसके जवाब में आईआरजीसी ने भी मध्य पूर्व में स्थित अमेरिका के 85 सैन्य बेसों पर जवाबी मिसाइल और ड्रोन कार्रवाई की बात कही है। ईरानी सेना ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि अमेरिका द्वारा युद्धविराम का बार-बार और खुलेआम उल्लंघन करने के गंभीर परिणाम भुगतने होंगे और इस तनावपूर्ण माहौल के बीच क्षेत्र में मौजूद सभी अमेरिकी ठिकाने अब उनके ड्रोन हमलों के वैध निशाने पर रहेंगे।
Read more: ट्रंप की तस्वीर वाले ‘पेट्रियट पासपोर्ट’ की चर्चा, सामने आया नया डिजाइन

