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रांची: राजधानी रांची में कानून-व्यवस्था पूरी तरह पटरी से उतर चुकी है और अपराधी इस कदर बेलगाम हो चुके हैं कि अब उन्हें खाकी का कोई खौफ नहीं रह गया है। ताजा मामला बरियातू थाना क्षेत्र का है, जिसने स्थानीय पुलिस और खासकर बरियातू थाना प्रभारी (SHO) की कार्यशैली और गश्ती दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बरियातू थाने के ठीक पीछे, विद्यापति मार्ग स्थित अर्पण विला और तेतर टोली गेट के पास दिनदहाड़े बाइक सवार अपराधियों ने एक महिला से सोने की चेन छीन ली और बड़े आराम से फरार हो गए। इस दुस्साहसिक घटना ने यह साबित कर दिया है कि बरियातू थाना प्रभारी के नेतृत्व में पुलिसिंग कितनी सुस्त और नाकाम हो चुकी है।
थाने की नाक के नीचे वारदात, कहाँ थे थाना प्रभारी और गश्ती दल?
मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित महिला बरियातू थाने के पास से ही सब्जी खरीदकर पैदल अपने घर लौट रही थी। इसी दौरान अपाचे मोटरसाइकिल पर सवार दो शातिर अपराधी वहां पहुंचे। दोनों अपराधियों ने चेहरे को छिपाने के लिए हेलमेट पहन रखा था। महिला को अकेला पाकर अपराधियों ने झपट्टा मारा और उनके गले से सोने की चेन छीनकर रफूचक्कर हो गए।
हैरानी और आक्रोश की बात यह है कि यह पूरी वारदात बरियातू थाने से चंद कदमों की दूरी पर हुई। ऐसे में जनता यह सवाल पूछ रही है कि जब घटना के वक्त थाना प्रभारी अपने दफ्तर में बैठे थे, तब उनकी तथाकथित ‘मुस्तैद’ गश्ती टीम कहाँ सो रही थी? थाने के इतने करीब दिनदहाड़े ऐसी वारदात हो जाना बरियातू थाना प्रभारी की घोर प्रशासनिक विफलता और अकर्मण्यता को दर्शाता है।
खौफ के साए में महिलाएं, थाना प्रभारी की चुप्पी पर फूटा गुस्सा
इस घटना के बाद से पूरे इलाके के आम नागरिकों और विशेषकर महिलाओं में भारी डर और आक्रोश का माहौल है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि बरियातू थाना क्षेत्र में छिनतई और चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं, लेकिन थाना प्रभारी हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। अपराधियों में पुलिस का डर पूरी तरह खत्म हो चुका है। लोगों का साफ कहना है कि “जब पुलिस थाने के आस-पास ही आम लोग सुरक्षित नहीं हैं, तो पूरे शहर में सुरक्षा की गारंटी कौन देगा?”
इस घटना ने बरियातू थाना प्रभारी की कानून-व्यवस्था बनाए रखने की क्षमता को पूरी तरह बेनकाब कर दिया है। स्थानीय लोगों ने अब रांची के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मांग की है कि केवल निचले स्तर के कर्मियों पर कार्रवाई करने के बजाय, इस विफलता के लिए सीधे बरियातू थाना प्रभारी की जवाबदेही तय की जाए। फिलहाल, पुलिस घटना स्थल के आस-पास लगे सीसीटीवी (CCTV) फुटेज को खंगालने की बात कह रही है, लेकिन जनता का भरोसा बरियातू पुलिस की इस सुस्त कार्यप्रणाली से पूरी तरह उठ चुका है।

